निजी अस्पताल में आपरेशन के बाद युवक की मौत के बाद मछलीशहर में चक्काजाम करते लोग।
मछलीशहर। स्थानीय कस्बे में स्थित एक निजी चिकित्सालय में आपरेशन के बाद युवक की मौत से नाराज लोगों ने शनिवार को बवाल किया। नाराज लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद लोगों ने मछलीशहर में जौनपुर-रायबरेली हाईवे पर जाम लगा दिया। एसडीएम और सीओ के समझाने पर लोगों ने पांच घंटे बाद जाम समाप्त किया।
मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र के उमापुर गाव निवासी जितेंद्र कुमार बिंद पुत्र मुंशीलाल करीब 15 दिन पूर्व पेट में दर्द होने पर इलाज के लिए नगर स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां आया था। चिकित्सक ने पेट में पथरी होने की बात कहते हुए आपरेशन करने की बात कही। चिकित्सक ने 5 अक्टूबर को आपरेशन कर दिया। तीसरे दिन जितेंद्र कुमार की हालत बिगड़ने लगी तो चिकित्सक उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर 8 अक्टूबर को जौनपुर गए जहां डाक्टर ने रात भर इलाज करने के बाद सुबह वहां से भी रेफर कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग उसे लकर इलाहाबाद चले गए जहां एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। वहां चिकित्सक ने परिजनों को बताया कि आपरेशन के दौरान उसकी आंत कटने से दिक्कत हुई है। उसके शरीर में संक्रमण हो गया है। इलाज के दौरान 20 अक्तूबर की भोर में युवक की मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजन शनिवार को मछलीशहर स्थित निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे। लोगों को गुस्से में देख चिकित्सक केवला प्रसाद विश्वकर्मा अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। आक्रोशित परिजन शव को रायबरेली जौनपुर मार्ग पर मछलीशहर कोतवाली के पास चौराहे पर रख कर जाम लगा दिया। जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतार लग गई। घटना की जानकारी होते ही एसडीएम मडियाहूं जगदंबा प्रसाद सिंह, सीओ सौम्या पांडेय, कोतवाल पन्नग भूषण ओझा, एसओ पवारा विद्या सागर प्रसाद, एसओ मुंगराबादशाहपुर के के मिश्रा, एसओ सिकरारा विमल कुमार राय, एसओ मीरगंज थानाध्यक्ष सुजानगंज सहित आसपास के थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। एसडीएम मडियाहूं जगदंबा प्रसाद सिंह व सीओ ने सरकारी मदद दिलाने तथा दोषी डाक्टर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के आश्वासन पर दोपहर डेढ़ बजे जाम समाप्त करवाया। मृतक के पिता मुंशीलाल की ओर से तहरीर दी जा रही थी कि मृतक के रिश्तेदार आरोपी डाक्टर के अस्पताल पर पहुंच कर लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी । बाद में सी ओ सौम्या पांडेय एवं एसडीएम जगदंबा सिंह ने माइक से उपद्रव कर रहे लोगों को बातचीत के लिए बुलाया। लोगों को समझाने के बाद माहौल शांत हुआ। पिता मुंशीलाल की तहरीर पर डॉक्टर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।