शाहगंज। सर सैयद अहमद खां ने शिक्षा के क्षेत्र में जो योगदान दिया उसे भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होंने हौसले को कायम रखने का संदेश देकर आगे बढ़ने की रोशनी दी। ये बातें सर सैयद अहमद इंटर कालेज सबरहद में आयोजित सर सैयद की 200 वीं जयंती पर बतौर मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के पूर्व शिक्षामंत्री जावेद इकबाल ने कही।
उन्होंने कहा कि लाख इल्जामों के बाद भी सर सैयद कभी विचलित नहीं हुए और लगातार प्रयास कर अपने मिशन में कामयाब हुए। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक नदीम जावेद ने कहा कि सर सैयद अहमद खां हिंदू-मुस्लिम को देश की दो आंखें कहा करते थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनका अहम योगदान है जिस पर आज देश की शिक्षण संस्थाएं कायम हैं। वर्तमान में राजनीति के चलते अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी समेत बीएचयू, जेएनयू के कैंपस से आपसी सौहार्द और भाईचारे को खत्म करने की साजिश रची जा रही है। अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष जेडके फैजान ने की। उन्होंने कहा कि सर सैयद की जिंदगी से सबक लेने की जरूरत है। पूर्व एमएलसी प्रमोद कुमार मिश्र, डा. तबरेज आलम आदि ने भी संबोधित किया। संचालन मिर्जा जरियाब बेग ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य मो. शाहिद नईम ने आभार प्रकट किया।