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गोदाम से ही गरीबों का खाद्यान्न उठा लेते गल्ला माफिया

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जौनपुर। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली गल्ला माफिया के चंगुल में फंस चुकी है। विभागीय लोगों को मिलीभगत से वे कोटेदारों का गल्ला गोदाम से उठा कर उसकी कालाबाजारी करते हैं। इनके इशारे पर खाद्यान्न निकासी से लेकर सत्यापन तक का खेल हो रहा है। इन्हें प्रशासन के कुछ अधिकारियों का भी सहयोग मिलता है। इसका खुलासा तीन माह के अंदर हुई कार्रवाई से हुआ है। सूत्रों की मानें तो खाद्यान्न वितरित न करने के आरोप में पचास कोटे निरस्त हो चुके हैं और 25 के लाइसेंस निलंबित हुए हैं। दस कोटेदारों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है।
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नियमानुसार हर माह के 21 से 30 तारीख के बीच जिले से आवंटित खाद्यान्न ब्लाक पर स्थित विपणन गोदामों से उठा लिया जाए और उसे एक से पांच तारीख तक वितरित कराने का निर्देश है। नगरपालिका और नगर पंचायत स्तर पर वितरण की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर और ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल, सेक्रेटरी को दी गई है लेकिन गल्ला माफिया के हाथ इतने लंबे हैं कि सरकारी उचित दर की दूकानदारों का पैसा वे खुद जमा करते हैं और निकासी होते ही वे गोदामों से ये अपने हिस्से का खाद्यान्न ले लेते हैं। दो दिन पूर्व मछलीशहर में एक गल्ला माफिया ने कोटेदार का खाद्यान्न रास्ते से उतरवा लिया था। कोटेदार ने विरोध किया तो एसडीएम को सूचना देकर उसे पकड़वा दिया। स्टाक और सत्यापन का कार्य पैसे के बल पर चल रहा है। इसकी गवाही सैकड़ों कोटेदारों के खिलाफ हुई कार्रवाई, हर रोज जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, शिकायतें दे रही हैं। जो कोटेदार मनमानी करते हैं उन्हें गल्ला माफिया प्रशासनिक अधिकारियों से साठगांठ कर पकड़वा देते हैं। विपणन व्यवस्था में इनका पूरा दबदबा है। यही कारण है कि लेखपाल से लेकर एसडीएम तक इनके इशारे पर नाचते हैं।
मछलीशहर के बेलाव, बरईपार, पहाड़पुर सहित कई गांवों में जहां कार्रवाई हुई है वहीं बक्शा क्षेत्र के सादनपुर, लखनीपुर, मरगूपुर, बदलापुर इलाके में गजेंद्रपुर में काला बाजारी को लेकर कोटे की दूकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सोमवार को गौराबादशाहपुर के बंजारेपुर में राशन न देने को लेकर ग्रामीण प्रदर्शन कर चुके हैं। उधर, महराजगंज के बहोरिकपुर में कालाबाजारी की जांच के लिए लोगों ने डीएम को सोमवार को पत्रक सौंपा।
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जिलापूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने कहा कि जिले में कार्यभार संभालने के तीन माहों में खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वाले दस कोटेदारों पर केस दर्ज कराया गया है। पचास कोटे की दूकानों को निरस्त किया गया है। सभी इंस्पेक्टरों को सत्यापन में पूरी निष्ठा के साथ काम करने को कहा गया है।
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