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अभी तक मात्र 87 किसान कराएं हैं पंजीकरण

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धान बिक्री के लिए 87 किसानों ने ही कराया पंजीकरण
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जिले में हैं कुल छह लाख पचास हजार किसान
पहली नंबर से शुरू होगी धान की खरीद
आठ एजेंसियों के खुले 100 क्रय केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। धान की खरीद पहली नवंबर से शुरू होगी लेकिन अभी तक महज 87 किसान ही धान बिक्री के लिए पंजीकरण करा सके हैं। जबकि जिले में किसानों की संख्या छह लाख पचास हजार है। ऐसे में खरीद से पहले किसानों का पंजीकरण होना चुनौती साबित होगा। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को पंजीकरण के लिए जागरूक कर रहे हैं।
जिले में 80 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी। किसानों से धान खरीदने के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। धान क्रय केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। केंद्रों पर तौल मशीन, बोरा, तोड़ा आदि की व्यवस्था की जा रही है। आठ एजेंसियों के 100 केंद्र खोले गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 19, पीसीएफ के 64, यूपी एग्रो के तीन, एफसीआई का एक, केकेएन के दो, एनसीसीएफ के तीन, नेफड के दो और पंजीकृत समिति के छह केंद्र बनाए गए हैं। उधर, प्रदेश सरकार ने पंजीकरण कराने वाले किसानों का ही धान खरीदने का आदेश दिया है। किसानों को स्वयं खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल एफसीएस डाट यूपी डाट एनआईसी डाट इन पर पंजीकरण कराना है। किसान किसी भी सहज जन सेवा केंद्र या साइबर कैफे पर जाकर पंजीकरण करा सकते हैं। कृषि विभाग को सिर्फ पंजीकरण के लिए किसानों को जागरूक करना है और पंजीकृत किसानों का ही धान सुव्यवस्थित तरीके से खरीदवाना है। जिले में कुल छह लाख 50 हजार किसान हैं लेकिन अभी तक महज 87 किसान ही पंजीकरण करा सके हैं।
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कृषि विभाग की ओर से विभाग में पंजीकृत किसानों को मेसेज भेजकर धान बेचने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील की गई है। उप कृषि निदेशक जयप्रकाश ने बताया कि कृषि विभाग में एक लाख 78 हजार 215 किसानों ने कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपना पंजीकरण कराया है। इनसे धान बिक्री के लिए विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील की गई है।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी, महेश कुमार श्रीवास्तव धान बेचने के लिए किसानों को खुद पंजीकरण कराना है। विभाग की जिम्मेदारी सिर्फ किसानों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करने और पंजीकृत किसानों का धान खरीदने की जिम्मेदारी है।
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