जौनपुर। मुहर्रम की दसवीं तारीख यौमे आशूरा पर रविवार को शहर से लेकर गांव तक या हुसैन अलविदा की गूंज थी। आंखों में आंसू और दिल में इमाम हुसैन की शहादत का गम लेकर तमाम इलाकों में उठे ताजिये के जुलूस में लोगों ने खूब मातम किया। इमाम हुसैन को पुरसा देने के लिए किसी ने खंजर तो किसी ने जंजीर से खुद को लहूलुहान कर लिया। लोग आंखों में आंसू लिए या हुसैन की सदाओं के साथ छाती पीटते चल रहे थे। जुलूस में हजारों की मौजूदगी कर्बला की दास्तां बया करने के लिए काफी थी। शहर समेत कई इलाकों से अलम, जुल्जनाह और ताबूत के जुलूस उठाए गए। ताजियों को कर्बला में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया।
अजाखानों में मजलिसें शामे गरीबां आयोजित हुईं। नगर के विभिन्न इलाकों में निर्धारित समय के अनुसार ताजिये उठाये गए। इसके साथ ही मातमी अंजुमनों ने नौहा और मातम किया। नगर क्षेत्र के अधिकांश ताजिये सदर इमामबारगाह स्थित गंजे शहीदा में सुपुर्द ए खाक किए गए जबकि कुछ ताजिये मोहल्लों की कर्बलाओं में भी सुपुर्द ए खाक हुए। चहारसू चौराहे से उठा जुलूस शिया जामा मस्जिद होता हुआ अपने मुख्य मार्गों से गुजरकर सदर इमामबारगाह पहुंचा। इसी प्रकार इमामबाड़ा शाह अबुल हसन भंडारी, बलुआघाट, कटघरा, मोहल्ला रिजवीं खां, पुरानी बाजार, ताड़तला, बारादुअरिया, यहियापुर, पानदरीबा के ताजिये भी सदर इमामबारगाह स्थित गंजे शहीदा में दफ्न हुए। सिपाह मोहल्ले के ताजिये नबी साहब स्थित गंजे शहीदा में दफ्न किए गए। इसके पूर्व बलुआघाट स्थित शाही किला मस्जिद, मोहल्ला दीवान शाह, कबीर, ताड़तला की मस्जिद समेत अन्य स्थानों पर नमाजे आशूरा का आयोजन हुआ। देर शाम सदर इमामबारगाह में मजलिसें शामे गरीबां आयोजित हुई जिसे कैसर नवाब ने संबोधित किया। करंजाकला बाजार से ताजिया का जुलूस अपने कदीम रास्ते से होते हुए करंजाखुर्द गांव पहुंचा वहां से करंजाखुर्द इमामबारगाह से दोनों गावों की अंजुमनों ने मिलकर ताजिया उठाया और सात किलोमीटर दूर करबला (बेगमगंज सदर इमामबाड़ा) लेकर रवाना हुए।
ग्रामीण इलाकों में भी निकला मुहर्रम का जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। जिले के ग्रामीण इलाकों में भी दसवीं मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। नौहा व मातम के साथ ताजियों को कर्बला में ठंडा किया गया। बक्शा के उत्तरपट्टी स्थित कर्बला में ताजिये दफनाए गए। मखदूम शाह स्थित रौजे ए इमाम हुसैन पर हुई मजलिस में मौलाना हसन अकबर ने खेताब किया। मजलिस शामे गरीबां को मौलाना गुलाम बाकिर ने खेताब किया। बड़उर गांव से निकला ताजिये जपटापुर स्थित कर्बला में दफ्न किए गए। डोभी: बीरीबारी, बरौटी, थून्ही, बकटही, मुकरीपुर, हरीहरपुर, वरमलपुर, जमुनीवारी से ताजिया की जुलूस निकाला गया। अंजुमनों ने नौहा मातम किया। मडियाहूं : महतवाना चौक से ताजिये के साथ अखाड़ा कमेटियों के खिलाड़ी युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। ताजियों को करबला में ठंडा किया गया। खेतासराय: नगर में रविवार दोपहर ताजिये का जुलूस निकाला गया। शहीदी चौक से जुलूस गोलबाजार, पुरानी बाजार अंजान शहीद होता हुआ फ़ात्मान गेट तक पहुंचा। जुलूस में पूरब मोहल्ला सराय बारां खुर्द बरतला, अंजान शहीद सालार गंज, डोभी कासिमपुर के ताजियादार अपने-अपने ताजियों के साथ चल रहे थे। अखाड़ा रौनके इस्लाम सालारगंज व अखाड़ा भुलाइ शाह के खिलाड़ियों ने युद्ध कला का प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर गंगा जमुनी तहजीब का परिचय देते हुए भारत विकास परिषद और हिंदू मुस्लिम एकता मंच के बैनर तले जलपान कराया। मुफ्तीगंज: मुफ्तीगंज स्थित कर्बला में 83 ताजिये दफन किए गए। सिकरारा: फतेह गंज, सिकरारा, खपरहा, रीठी गुलजारगंज, समाधगंज में मुहर्रम का जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच निकला। मीरगंज: मीरगंज, अगहुआ, चौकीखुर्द अदारी, बरांवा, भटहर, जंघई में ताजिये कर्बला में ठंडे किए गए। बरईपार: जीरकपुर, चोरहा ताजिये चोरहा स्थित कर्बला में ठंडे किए गए । मछलीशहर: नगर के खानजादा, सैयद वाड़ा, पूरा काजी, सगरेखास कटाहित, चौहट्टा, कोतवाली, बहरता के ताजिये मुंगरा बादशाहपुर चौराहे पर स्थित कर्बला इमामबाड़े में दफन किया गया। रामपुर, सुरेरी, शाहगंज, खुटहन, बदलापुर, महराजगंज, मुंगराबादशाहपुर आदि इलाकों में जुलूस निकाला गया।