जौनपुर। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और मानदेय वृद्धि को लेकर आंदोलित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अगर 26 सितंबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में उपस्थित नहीं हुई तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सोमवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी ने नगरीय निकायों की निर्वाचन नामावली के वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिया।
जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि नगर निकायों की निर्वाचन नामावली का पुनरीक्षण करने के लिए 25 सितंबर से तीन अक्तूबर तक बीएलओ घर-घर जाकर सर्वेक्षण का कार्य करेंगे। डाफ्ट नामावलियों की कंप्यूटरीकृत पांडुलिपि आठ अक्तूबर तक, नौ अक्तूबर को नामावलियों का प्रकाशन और डाफ्ट के रूप में प्रकाशित निर्वाचन नामावली का निरीक्षण, 15 अक्तूबर तक दावे व आपत्तियां प्राप्त करने के साथ ही उसका निस्तारण किया जाएगा। 17 अक्तूबर तक पूरक सूचियों की पांडुलिपियां तैयार करने और उसे मूल सूची में यथास्थान समाहित करने का काम किया जाएगा। 18 अक्तूबर को अंतिम रूप से तैयार निर्वाचक नामावलियों का प्रकाशन जनसामान्य के लिए किया जाएगा। उन्होंने तहसील सदर के बीएलओ के कार्यों की समीक्षा की। इसमें उपजिलाधिकारी सदर प्रियंका प्रियदर्शनी ने बताया कि 124 आंगनबाड़ी नगरपालिका जौनपुर में बीएलओ के रूप में तैनात की गई हैैं। इसमें ज्यादातर अनुपस्थित हैं। डीएम ने कहा कि बीएलओ के रूप में तैनात अनुपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 26 सितंबर को चार बजे तक प्रेक्षागृह में समीक्षा बैठक में पहुंचे। बैठक में नहीं पहुंचने वाली आंगनबाड़ियों के खिलाफ चुनाव कार्य में बाधा डालने के आरोप में कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उपजिलाधिकारी सदर व जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। अपर जिलाधिकारी आरपी मिश्र ने सभी सुपरवाइजर व बीएलओ के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान चुनाव आयुक्त के निर्देशों को पूरी ईमानदारी एवं निष्पक्षता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण में किसी भी दशा में अपात्र व्यक्ति का नाम सूची से निकाला जाए और पात्रों का नाम जोड़ा जाए। बैठक में एसडीएम सदर प्रियंका प्रियदर्शनी, तहसीलदार सदर चंद्रेश कुमार सिंह, रज्स्टिार कानूनगो बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय, सहायक निर्वाचन अधिकारी इंद्रदेव यादव उपस्थित रहेे।