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दस सालों में बंद हो चुके हैं 25 फीसदी उद्योग

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जौनपुर। 20वीं सदी में जौनपुर के उद्योगों की पहचान भले ही प्रदेश की सूची में शुमार रहा हो, लेकिन 21वीं सदी के आते-आते यहां की इकाईयां अब काफी हद तक सिमटती जा रही हैं। पिछले 10 वर्षों में 25 फीसदी औद्योगिक इकाईयां दम तोड़ चुकी हैं। इनमें सर्वाधिक औद्योगिक क्षेत्र सतहरिया की 80 उद्योग शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में इकाईयों के बंद होने से करीब 69765 श्रमिक भी बेरोजगार हो गए हैं। इन सभी इकाईयों के बंद होने की वजह बैंक से ऋण व अनुदान नहीं मिलना, पारिवारिक झगड़े और कुशल कामगरों क समय पर न उपलब्ध होना है।
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औद्योगिक क्रांति लाने के लिए 1984 में प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने जौनपुर को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया था। इनमें सतहरिया में बड़े पैमाने पर जमीनों के होने के कारण औद्योगिक क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया था। जिससे विभिन्न वस्तुओं एवं उपकरणों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो। लेकिन अहिस्ता-अहिस्ता यहां की औद्योगिक अब बंद हो चुकी हैं या फिर बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 1984 से लेकर 2017 तक जिले में कुल स्थापित लघु, सूक्ष्म व मध्यम 77 हजार 230 हैं। जबकि पिछले 10 वर्षों 19307 उद्योग बंद हो चुके हैं। इनमें सतहरिया औद्योगिक क्षेत्र में 80 बंद इकाईयां शामिल हैं। इनमें प्रसाद डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर, राजा रोलर, अभय सिंह नील उद्योग आदि उद्योग हैं। उद्योगों के बंद होने के चलते लगभग 69765 श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। उद्योगों के बंद होने के पीछे कई कारण हैं। उद्यमियों व विभाग की मानें तो उद्यमियों को बैंकों द्वारा लोन नहीं मिल पाता है। अगर मिलता भी है तो काफी कम मिलता है। जिससे वे उद्योग को सुचारु रुप से नहीं चला पाते हैं। इसी प्रकार कई उद्योग पारिवारिक झगड़े, अवस्थापना, निर्वाद बिजली नहीं मिलने, कुशल श्रमिकों के अभाव के कारण बंद हो चुकी हैं।

कोट:
दस सालों में लगभग 25 फीसदी उद्योग बंद हो गए हैं। जिससे लगभग 69765 श्रमिक बेरोजगार हुए हैं। पारिवारिक झगड़े, बैंक से लोन नहीं मिलने, कुशल श्रमिक नहीं मिलने आदि कारण से उद्योग बंद हुए हैं।
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उमेश कुमार सिंह
उपायुक्त जिला उद्योग

कोट:
लोन देते समय लोन लेने वाले की आर्थिक स्थिति आदि का आकलन किया जाता है। अगर वह लोन भरने में सक्षम है तो उसको लोन दिया जाता है। हर वर्ष छूट के लालच में उद्योग लगाने के लिए 35 से 40 लोग लोन लेते हैं। लेकिन मात्र 20 लोग ही लोन जमा करते हैं।
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एमपी राय
एलडीएम यूबीआई


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