मडियाहूं। स्थानीय तहसील स्थित सभागार में असिस्टेंट कमिश्नर राज्य कर आरबी चौरसिया ने व्यापारियों को जीएसटी की जानकारी दी। बैठक में बताया कि व्यापारी अपना जीएसटी का नया नंबर कैसे ले सकते हैं, कैसे अपना रिटर्न भर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अलग-अलग टैक्स से व्यापारियों को दुविधा रहती थी, अब यह दुविधा खत्म हो जाएगी। पूरे देश में एक कर प्रणाली से सभी व्यापारियों का फायदा होगा।
असिस्टेंट कमिश्नर कुलदीप ज्ञानी ने इनवॉइस के बारे में बताया कि टैक्स इनवॉइस और बिल ऑफ सप्लाई दो प्रकार के होंगे। टैक्स इनवॉइस के बारे में उन्होंने बताया कि ऐसे पंजीकृत व्यापारी जिनके द्वारा समाधान योजना नहीं ली गई है। कर योग्य माल सेवा के लिए टैक्स इनवॉइस जारी की जाएगी। लेकिन टैक्स इनवाइस पंजीकृत और अपंजीकृत दोनों को आपूर्ति की दशा में उक्त श्रेणी के पंजीकृत व्यापारियों द्वारा जारी की जाएगी। लेकिन बिल आफ सप्लाई में सभी करदाताओं द्वारा कर मुक्त माल की सप्लाई के लिए तथा समाधान योजना में करदाता द्वारा कर मुक्त एवं कर योग्य माल की सप्लाई के लिए बिल आफ सप्लाई जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि 20 लाख तक का व्यापार करने वाले व्यापारियों को पंजीकरण कराना अनिवार्य नहीं है। वह चाहे तो पंजीकरण करा सकते हैं अथवा नहीं करा सकते। 200 तक की इनवॉइस व्यापारी चाहे तो एक साथ शाम को काट सकता है किंतु यदि उपभोक्ता बिल की मांग करता है तो व्यापारी को उसे देना होगा। इसके अतिरिक्त उपस्थित व्यापारियों ने जीएसटी से संबंधित अनेक सवाल पूछे जिसका उपस्थित अधिकारियों ने जवाब दिया। बैठक में डिप्टी कमिश्नर विनय गौतम व वाणिज्य कर अधिकारी राहुल पांडे, अमरीश, विवेक कुमार ने व्यापारियों के साथ बैठक कर जीएसटी के बारे में विस्तार से जानकारी दिया। इस अवसर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सरदार सिंह बग्गा, रितु गुप्ता ,राजेश पांडे ,आरिफ खान, कैलाश जायसवाल ,रमाशंकर जायसवाल, दिलीप जायसवाल सहित सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहे।