सुइथाकला। सऊदी अरब के नाजरान शहर में आग लगने की घटना में मौत का शिकार हुआ जिले का युवक तबरेज नवंबर महीने में घर आने वाला था। फरवरी 2016 में वह पहली बार सऊदी अरब गया था। नवंबर में घर आने की उसकी तैयारी थी। बड़ी बहन की शादी करने की ख्वाहिश पूरी होेने से पहले ही वह हादसे में मौत का शिकार हो गया। तबरेज की मौत की खबर से घर में मातम पसरा है। सऊदी अरब में रह रहा उसके चचेरे भाई ने फोन कर घर वालों को बताया कि अभी तक उसे भाई का शव देखने को नहीं मिला है। परिजनों ने वहां के भारतीय दूतावास पर भी अपेक्षित सहयोग न करने का आरोप लगाया है।
सरपतहा थाना क्षेत्र के पूराअसालत खां गांव निवासी मो. दाऊद का बेटा तबरेज (25) फरवरी 2016 में सऊदी अरब गया था। वहां पर वह इलेक्ट्रीशियन का काम करता था। उसके परिवार की माली दशा ठीक नहीं है। तबरेज के पिता मो. दाऊद मुंबई में किसी दूकान पर मामूली तनख्वाह पर नौकरी करते हैं। तबरेज तीन बहनों के बीच अकेला भाई था और सबसे बड़ा था। बहनों की शादी करने की उसे चिंता थी। हादसे से एक दिन पहले वाली रात में उसने मां समा, दादी अतरेलुन्निशा, बहन साबरीन, साकरीन और गजाला से देर तक बात की थी। फोन पर उसने मां समा से कहा था कि वह नवंबर में आने वाला है। सबसे पहले बड़ी बहन साबरीन के लिए कोई अच्छा रिश्ता देखकर उसकी शादी करेगा। मां ने बेटे से कहा था कि तुम्हारी शादी के लिए भी सुल्तानपुर से रिश्ता आया है।
तूं सऊदी से आएगा तो तुम्हारी शादी का भी रिश्ता पक्का करूंगी। मां की इस बात पर तबरेज का कहना था कि अब्बू ने बड़ी मुसीबत से उन लोगों को पाला है। इसलिए सबसे पहले वह बहन की शादी करेगा। इन तमाम बातों के बीच किसी को क्या पता था कि तबरेज से यह उनकी आखिरी बातचीत हो रही है। अगले दिन सुबह उसकी मौत की मनहूस खबर आई तो पूरे गांव में मातम छा गया। सरल स्वभाव और व्यवहार कुशलता के चलते तबरेज की हर कोई प्रशंसा कर रहा है। तबरेज का चचेरा भाई फकरुद्दीन सऊदी अरब में ही है। उसने घर वालों को फोन पर बताया कि भाई का शव देखने के लिए वह बहुत प्रयास कर रहा लेकिन अभी तक उसे शव देखने को नहीं मिला है।