जौनपुर। जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अप्रैल में ही मई-जून जैसे हालात हैं। एक सप्ताह से तापमान 40 डिग्री के ऊपर है। अप्रैल में बढ़ते तापमान ने करीब 15 साल का रिकाॅर्ड तोड़ा है। चिलचिलाती धूप और उमस से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह 9 बजे के बाद से धूप की तपिश बर्दाश्त नहीं हो रही है। देर रात तक झुलसाने वाली हवा बह रही है। तापमान अधिक होने से लोकल फाल्ट हो रहे हैं। इससे जिले के कई हिस्सों में बिजली कटौती भी हो रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड किया गया। लोगों को दिन में तपिश तो सता ही रही है रात में उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। पंखे और कूलर भी किसी काम के नहीं आ रहे। राज्य मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मौसम ने अप्रैल में इतना अधिक तापमान 15 वर्षों बाद हुआ है। वर्ष 2010 में अप्रैल में तापमान 14 डिग्री तक पहुंचा था। आने वाले दिनों में तापमान में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल अगले पांच दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं लग रहे। सुबह से ही तपिश का प्रकोप शुरू हो गया। धूप से बचने की जुगत में सिर से लेकर पूरा चेहरा ढककर बाहर निकलते दिखे। गर्मी के तीखे तेवर से सड़कों और बाजारों में दोपहर में सन्नाटा रहा। शहर में पेड़ों की संख्या कम होने से लोग छाया और ठंडी हवा के लिए तरसते रहे।