विकास भवन में अधिकारियों का अपने ही मातहतों पर नियंत्रण नहीं है। कई विभागों के कर्मचारी बिना प्रार्थना पत्र के ही अनुपस्थित रहते हैं। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार भी इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। यही नहीं, कर्मचारी कब कार्यालय आ जा रहे हैं, इसका भी कोई समय नहीं है। कुछ ऐसा ही मामला विकास भवन में निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के सामने आया। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर की जांच की तो 15 कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि कई कर्मचारी बिना प्रार्थना पत्र दिए लंबे समय से गायब मिले।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा सुबह करीब साढ़े दस बजे विकास भवन पहुंचे। डीएम के विकास भवन पहुंचते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कई कर्मचारी अपने साथ करने वाले कर्मियों को फोन कर बुलाते देखे गए। वहीं, डीएम ने इस दौरान विकास भवन के सभी कार्यालयों के अधिकारियों/कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका मंगा ली। जिसके निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रमोद कुमार 6 से 14 जुलाई तक अनुपस्थिति मिले। अर्थ एवं संख्या विभाग में सहायक अर्थ संख्या अधिकारी रमेश कुमार, राकेश कुमार, राजमणि राम के नाम के आगे भ्रमण पंजिका में टी (टूर) अंकित मिला। डीआरडीए के अवर अभियंता सुरेश सिंह अनुपस्थित मिले। कौशल विकास मिशन से एचआईएम शिवम सिंह का अवकाश उपस्थिति रजिस्टर में अंकित मिला, लेकिन प्रार्थना पत्र नहीं मिला। इसी तरह कर्मचारी ममता चौधरी अनुपस्थित मिलीं। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मानचित्रकार बुझारत यादव, उर्दू अनुवादक सरोश रिजवी, कनिष्ठ सहायक नन्हकू सोनकर, रविंद्र कुमार शर्मा अनुपस्थित मिले। भगवान सिंह का अवकाश अंकित मिला, लेकिन उनका कोई प्रार्थना पत्र नहीं था। प्रभारी सहायक सीताराम रविदास अनुपस्थित मिले। युवा कल्याण विभाग के प्रभारी सहायक पंचदेव राम एक जुलाई से लगातार अनुपस्थित मिले। हालांकि इस दौरान विगत माह में 1 दिन दो जून को उपस्थित थे। सहकारिता विभाग के लेखाकार सुशील कुमार मौर्य का अवकाश अंकित मिला, लेकिन इन्होंने भी कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया था। सहयोगी सुधीर पांडेय अनुपस्थित मिले। अवर अभियंता सुभाष चंद्र यादव 3 जून से अब तक अनुपस्थित मिले। पंचस्थानीय के वरिष्ठ सहायक जयप्रकाश, राधा देवी, विकास चंद्र, चतुर्थ श्रेणी कर्मी प्रतीक कुमार सिंह का अवकाश रजिस्टर पर दर्ज था, जबकि कोई प्रार्थना पत्र नहीं मिला। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक शिवपूजन मिश्र अनुपस्थित मिले। पंचायतराज विभाग के कनिष्ठ सहायक राकेश कुमार सिंह, विकास कुमार अनुपस्थित मिले। समाज कल्याण विभाग के सुपरवाइजर अनिल कुमार सिंह अनुपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सीडीओ अनुपम शुक्ला को निर्देशित किया कि संबंधित अधिकारी/कार्यालयाध्यक्ष अपने विभाग के अनुपस्थित कर्मचारियों का अनुपस्थिति की अवधि का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगे और अपनी आख्या एक सप्ताह के भीतर भेजें। इसके अलावा जिन कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका पर भ्रमण अंकित मिला, उसके संबंध में भी संबंधित कार्यालयाध्यक्ष से स्थिति स्पष्ट करते हुए आख्या मांगने का निर्देश दिया.