रामपुर। सुरेरी थानाक्षेत्र के सुल्तानपुर बाजार में बृहस्पतिवार को फूडप्वायजनिंग से पांच लोगों के बीमार होने के बाद शुक्रवार को खाद्य विभाग की टीम हरकत में आई। टीम ने पीड़ित परिवार से जानकारी ली। इसके बाद दूकान से खरीदे गए करैले और तेल का सैंपल लिया। टीम यहां से बाजार पहुंची तो दूकानदार दूकान बंद कर फरार हो गए। हालांकि अफसरों ने उन्हें बुलाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं आए। घंटों इंतजार के बाद टीम ने दूकानों के शटर को रस्सी से बांध दिया और दूकान नहीं खोलने की हिदायत दी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि फिलहाल दूकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
बता दें कि सुरेरी थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर बाजार निवासी शंकर चौहान के घर पर बृहस्पतिवार को बाजार से करैला और तेल से बनी खाद्य सामग्री आई थी, जिसे खाने के बाद उनके सहित पांच परिवारीजन बीमार पड़ गए। स्थानीय अस्पताल में इलाज के बाद सभी को रेफर कर दिया गया। सभी का भदोही के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस घटना की जानकारी के बाद शुक्रवार को खाद्य विभाग की एक टीम सुल्तानपुर गांव पहुंची। परिवार से बातचीत के बाद बचे हुए करैले और तेल को टीम ने कब्जे में ले लिया। परिवारवालों ने बताया कि सुल्तानपुर बाजार स्थित बिपिन कुमार पुत्र दुष्यंत और अनिल कुमार पुत्र रामशंकर की दुकान से खाद्य सामग्री ली थी। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा टीम बाजार पहुंची तो व्यापारी अपनी-अपनी दूकाने बंद कर फरार हो गए। अधिकारियों द्वारा दूकानदारों को फोन से कई बार दुकान पर आने और खाद्य सामग्री का सैंपल देने की बात कही गई, लेकिन दूकानदार नहीं आए। घंटों इंतजार करने के बाद मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्रबहादुर यादव और खाद्य सुरक्षाधिकारी मड़ियाहूं डा. तूलिका शर्मा ने दोनों दूकानों के खाद्य रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया। दोनों दूकानों के गिरे शटर को रस्सी से बांधते हुए फिर दूकान न खोलने की हिदायत दी। खाद्य सुरक्षाधिकारी इंद्रबहादुर यादव ने बताया कि उक्त दूकानदारों द्वारा बेचे जा रहे खाद्य सामग्री के खाने से बीमार हुए परिजनों द्वारा उक्त दूकानों से ही सामग्री खरीदने की बात कही गई, जिस पर जांच के लिए पहुंचे लेकिन दूकान को बंद कर दूकान स्वामी वहां से भाग गए थे। दोषी दूकानदारों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जा रही है।