जौनपुर। मानदेय समेत दस सूत्री मांगों को लेकर माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक व प्रधानाचार्य महासभा ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में ताला बंद कर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित दस सूत्री ज्ञापन सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी रमाशंकर निषाद को सौंपा। समस्या का निस्तारण किए जाने की मांग की। डीआइओएस कार्यालय परिसर में शिक्षकों व प्रधानाचार्यों ने सरकार विरोधी नारे लगाए।
वित्तविहीन शिक्षक महासभा के नेतृत्व में शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी के आह्वान पर प्रधानाचार्य महासभा के प्रांतीय प्रधान महासचिव अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में दिन में 11 बजे पहुंचे। जिले के विभिन्न तहसीलों व ब्लाकों से आए सैकड़ों शिक्षक नारेबाजी करते हुए कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन थोड़े ही समय में सभा के रूप में परिवर्तित हो गया। सभा अखिलेश सिंह में कहा कि सपा सरकार द्वारा वित्तविहीन शिक्षकों को दिया जाने वाला मानदेय भाजपा सरकार द्वारा बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शासन- प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द ही हमें सम्मानजनक मानदेय न दिया गया तो हम सड़क से लेकर संसद तक धरना-प्रदर्शन करेंगे। भले ही हमें आजीवन कारावास की सजा हो जाए। जिला उपाध्यक्ष श्यामधर मिश्र ने कहा कि जिस दिन वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा नियमावली बन जाएगी उसी दिन से वो पूर्ण कालिक शिक्षक हो जाएंगे। फिर मानदेय नहीं समान वेतन देना सरकार की मजबूरी होगी।
माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने कहा कि जिस देश व प्रदेश का शिक्षक मजदूरों से भी कम वेतन पाता हो वहा की शिक्षा व्यवस्था कैसी होगी। सरकारे रेवड़ियों की तरह मान्यता देना बंद कर शिक्षकों को सम्मान जनक मानदेय दें। प्रान्तीय मंत्री डा. राकेश सिंह ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों को सपा सरकार द्वारा दिया गया प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के बजाय सरकार बंद करने की साजिश कर रही है। मानदेय नहीं पूर्ण कालिक शिक्षक बनने की लड़ाई लड़े। संचालन प्रधानाचार्य महासभा के जिला महामन्त्री शरद कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष प्रकाश चन्द पाल, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री सुधाकर सिंह, विकास सिंह, श्रद्धेय गुप्ता, जय प्रकाश यादव, शशिशेखर मिश्र, रोहित दूबे, सुरेन्द्र दूबे, रमेश सिंह, सुरेन्द्र कुमार सिंह, प्रमोद मौर्य, अमरेन्द्र कुमार, कैलाश यादव, श्याम सुन्दर उपाध्याय, आदेश सिंह, बृजेश यादव, सन्तोष सिंह आदि मौजूद थे।