जौनपुर। गर्मी की छुट्टी के बाद सोमवार को स्कूल खुले तो पहले दिन ही शहर की यातायात व्यवस्था चौपट हो गई। पूरा शहर घंटों जाम में जकड़ा रहा। जाम में फंसे लोग बारिश में भीगने को विवश हुए। गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर शहर में वाहनों के दबाव के लिहाज से यातायात दुरुस्त रखने के लिए कोई तैयारी नहीं की गई थी। जिसका नतीजा रहा कि किसी लोगों को घंटों जाम में फंसकर हैरान होना पड़ा। जाम के चलते तमाम लोग जहां समय से दफ्तर और काम पर नहीं पहुंच सके वहीं दोपहर छुट्टी के बाद बच्चे भी स्कूल से देरी से घर पहुंचे।
वैसे तो गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल पहली जुलाई को ही खुल गए लेकिन पहली जुलाई को शनिवार का दिन होने के चलते अधिकतर कान्वेंट विद्यालय बंद रहे। दो जुलाई को रविार था। इस नाते गर्मी की छु्ट्टियों के बाद सोमवार को स्कूल खुले थे। शहर और आस पास के कान्वेंट विद्यालयों की तकरीबन चालीस से अधिक बस और छोटे स्कूल वाहन शहर में विभिन्न मार्गों से होकर गुजरते हैं। अचानक इतने बड़ी संख्या में वाहनों का दबाव शहर में होने का अनुमान तो पहले से था लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदारों की तरफ से संभावित जाम से निपटने की कोई खास तैयारी नहीं की गई थी। स्कूल वाहन मनमानी शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरते रहे। देखते ही देखते पूरा शहर जाम में जकड़ उठा। जाम का असर शहर के बाहर तक दिखा। शाहगंज पड़ाव से लेकर कोतवाली चौराहा, चहारसू चौराहा, ओलंगज, सद्भावना पुल, कचहरी रोड, जेसीज चौराहे से ओलंदगंज, वाजिदपुर, पालिटेक्निक चौराहा, नईगंज, मड़ियाहूं पड़ाव तक देर तक लोग जा में फंसे रहे। चार पहिया और दुपहिया वाहनों पर सवार लोग घंटों हैरान हुए। इसी बीच बारिश भी शुरू हो गई। दोपहिया सवार जाम में फंसकर बारिश में भीगने को विवश हुए।