मीरगंज/ मुफ्तीगंज। शारदा सहायक खंड 39 नहर में पानी नहीं आने से धान की नर्सरी सूख रही है। जिससे सैकडो गांव के किसान परेशान है। क्षेत्र की दर्जन भर माइनर सूखी है। एक तरफ नहरों में पानी नहीं है तो दूसरी तरफ बारिश नहीं। ऐसे में किसान चिंतित हैं कि इस बार बारिश समय पर नहीं हुई तो खेती प्रभावित हो जाएगी।
प्रतापगढ के कहला गांव के नरायन पर रजवाहा से निकली शारदा सहायक खंड 39 नहर जिले के मुंगराबादशाहपुर, मछलीशहर, बरसठी होते हुए रामपुर ब्लॉक में प्रवेश करती है। इस नहर पर दर्जनों माइनर से हजारों गांव के किसान सिंचाई करते है। पिछले दस दिन पहले नहर बन्द होने के बाद समस्या खड़ी हो गई है। सेमरी, मोलनापुर, चौकीकला, अगहुआ, भटहर, किसुनदारपुर, भटहर, सरायदेवा, करियांव, मीरगंज गांव से कई माइनर निकली है। जिसमें पानी नहीं है। इसे लेकर किसान खासे बेचैन हैं। उन्हे इस बात की चिंता सता रही है कि एक ओर तो बारिश आसार नहीं बन रहे जबकि नहरें भी पानी विहीन हैं। चौकीकला गांव के किसान बल्लर यादव, गोधना के अखिलेश सिंह, अगहुआ के ब्रहमदेव यादव, दानबहादुर यादव, भटहर संजय पाण्डेय, सरायदेवा के मदारी यादव का कहना है की नहर में पानी न आने से फसल सूख रही है। मानसून में देरी होने से और दिक्कत बढ गई है। फसल कैसी होगी इसे लेकर चिंता ने घेर रखा है।
मुफ्तीगंज प्रतिनिधि के अनुसार, विकास खंड के क्षेत्र में नहर में पानी नहीं आने से धान की नर्सरी सूख रही है। शारदा सहायक 36 पेसारा राजबाहा में पानी न आने से मेहौड़ा, बगथरी, अमरा, असवारा, निशान, पतौरा, सकरा, आदि गांव में भी धान की नर्सरी सूख रही। जिससे क्षेत्र के किसान परेशान है। उनका कहना है कि यदि समय से विभाग ने नहरों में पानी नहीं छोड़ा तो इस बार की खेती बेकार हो जाएगी।