जौनपुर। जिले में 193 नहरों की सफाई का कार्य अभी तक नहीं हो पाया है। सफाई नहीं होने से पानी छोड़े जाने से नहरें ओवरफ्लो हो जाती है। जिससे खेत व फसलें जलमगभन हो जाती है। जबकि नहर की सफाई का कार्य अप्रैल से मई माह में कर लेने का समय है।
जिले में स्थित सिंचाई के सभी साधनों में नहरों का खासा महत्व है। सिंचाई के लिए जिले में 307 किमी कुल 343 नहरें हैं। जिनसे लगभग खरीफ में 76 हजार 664 हेक्टेयर और रबी में 78 हजार 414 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है। किसान आसानी से खेतों की भराई व फसलों की सिंचाई का कार्य कर सके। उनको सिंचाई करने में दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए हर वर्ष नहरों की सफाई कराने का कार्य किया जाता है। लेकिन विभाग द्वारा हर वर्ष आधी-अधूरी सफाई कराकर नहरों को चालू करा देता है। जिससे नहरें ओवर फ्लो हो जाती हैं। फसलें डूबती हैं और टेल तक पानी भी नहीं पहुंच पाता है। इसका अंजादा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक विभाग 150 नहरों की ही सफाई करा पाया है। अभी भी 193 नहरों की सफाई नहीं करा सका है।