जौनपुर। जिले में साल 2017 से 142 विद्यालयों को जर्जर घोषित गया है। इसकी सूची बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पीडब्ल्यूडी को पहले ही भेजी जा चुकी है। पीडब्ल्यूडी की ओर से इन विद्यालयों को ढहाने की प्रक्रिया लटकी है। इनमें कुछ ऐसे विद्यालय भी हैं जिसके आसपास बच्चे खेलते-कूदते या फिर वाहन खड़ा किया जाता है। बीएसए का कहना है कि अधिकतम विद्यालय निष्प्रयोज्य घोषित हैं। इनमें पढ़ाई नहीं होती है। मूल्यांकन के बाद भवनों को ढहाने के लिए नीलामी शुरू हो जाएगी। बुधवार को अखबार की ओर से की गई पड़ताल में इन विद्यालयों को खाली पाया गया। इनमें से बसरठी ब्लॉक स्थित प्रथमिक विद्यालय कोहड़ा के जर्जर भवन में एक क्लास में बच्चे पढ़ाई करते मिले। प्रधानाध्यापक ने अजय कुमार सिंह ने बताया कि भवन के जर्जर होने से सभी बच्चों को एक ही कमरे में पढ़ाया जा रहा है। वहीं मछलीशाहर ब्लॉक के करौरा प्राथमिक विद्यालय में कुछ बच्चों को जर्जर भवन के पास खेलते देखा गया। बीईओ रमेश चंद्र पटेल ने बताया कि इस विद्यालय में पढ़ाई नहीं होती, शिक्षक अपना वाहन खड़ा करते हैं। बरसात में स्कूल की छत सिर छुपाने का सहारा बनती है। इन दो विद्यालयों के अलावा सभी जर्जर विद्यालय खाली मिले। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में 2807 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें 1930 परिषदीय प्राथमिक, 411 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 466 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में से 142 ऐसे स्कूल जिनके भवन वर्षों से जर्जर हैं। इन इमारतों में बच्चों की पढ़ाई नहीं होती। इन भवनों को ढहाने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति मांगी गई है। मूल्यांकन कमेटी बनाई गई थी। पीडब्ल्यूडी के मूल्यांकन के बाद यदि पांच लाख रुपये का आकलन होगा तो उसके लिए डीएम से अनुमति लेनी होगी, यदि मूल्यांकन पांच लाख रुपये से अधिक का होता है तो उसके लिए शासन से अनुमति लेने होगी।
पहले चरण में गिराए जाएंगे 5 लाख से कम कीमत वाले विद्यालय -बीएसए ने बताया कि पहले चरण में मूल्यांकन के बाद पांच लाख रुपये से कम कीमत वाले विद्यालय भवनों को ढहाया जाना है। इसके बाद निदेशालय से अनुमति मिलने के बाद पांच लाख से ऊपर वाले विद्यालयों को ध्वस्त किया जाएगा। जोखिम देखते हुए इन विद्यालयों में पठन-पाठन भी नहीं कराया जा रहा है। जर्जर भवन को ध्वस्त करने से पहले उसकी नीलामी के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग स्तर पर इनका मूल्यांकन किया जाएगा। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मूल्यांकन के बाद विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) जर्जर भवनों की नीलामी कराएगी।
नगर क्षेत्र में पांच विद्यालय भवन जर्जर-जिले में चिह्नित 142 जर्जर भवनों में से 5 भवन नगरीय इलाके में स्थित हैं। इनमें नगर भंडारी मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय हैदरगंज, कंपोजिट विद्यालय मिंयापुर समेत कुल पांच विद्यालय नगर के हैं। शेष 137 विद्यालय सभी ब्लाॅक क्षेत्रों में स्थित हैं। इन भवनों को ढहाया जाना है उनकी सूची तैयारी कर ली गई है।
मीरगंज में पिछले वर्ष अगस्त में ढह गया था विद्यालय-जिले में मीरगंज में स्थित किशानदासपुर प्राथमिक विद्यालय बीते वर्ष 20 अगस्त को खुद से गिर गया था। यह विद्यालय पहले से जर्जर घोषित था। विद्यालय शाम करीब 4 बजे के आसपास ढहा था। इस समय विद्यालय में कोई मौजूद नहीं था। इसी तरह 18 जुलाई को खुटहन स्थित प्राथमिक विद्यालय सहाबुद्दीनपुर का बारजा अपने से ढह गया था।
जिले के कुल 142 परिषदीय विद्यालयों को जर्जर घोषित कर दिया गया है। इसमें पठन पाठन नहीं हो रहा है। इन भवनों को ढहाने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेज कर नीलामी के लिए मूल्यांकन कराने की मांग की गई है। मूल्यांकन के बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी।- डाॅ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए, जौनपुर।