जौनपुर। नगर के कटघरा और नखास वार्ड की सीमा पर कटघरा मोहल्ले में मेन रोड से नदी की ओर जाने वाले मार्ग पर वहां के स्थानीय मनबढ़ों ने गेट लगाकर नदी पर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया है। यहीं नहीं नदी के जमींन पर कब्जा कर वहां खेती की जा रही है। लेकिन प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है।
स्थानीय लोगों की मानें तो मुख्य मार्ग से अंदर जाने वाले रास्ते पर इंटरलॉकिंग मार्ग को पूरे नदी के किनारे तक नहीं जाने दिया गया और बीच मे ही गेट लगाकर इसे रोक दिया गया है। नदी के किनारे की जमीन पर अवैध रूप से खेती भी की जा रही है। इसी स्थान पर नगर पालिका परिषद की मिलीभगत से नदी के किनारे भारी मात्रा में कूड़ा भी गिराकर नदी के किनारे को पाटा जा रहा है। ताकि इस स्थान पर प्लाटिंग की का सके। स्थानीय जिला प्रशासन इस गंभीर मसले पर मौन है। जिसकी वजह से समूचे क्षेत्र में नदी के किनारे की जमीन पर कब्जा कर कालोंनी बनाने की होड़ मची है। देखा जाए तो कई पक्के भवन बना दिए गए हैं। इनमें से किसी भी भवन का नक्शा नहीं पास है और यदि है तो न जाने किस नियम के तहत पास किया गया। एक विद्यालय ने भी इस स्थान पर नदी के किनारे की जमींन कब्जा कर अपने भवन बना रखे हैं। स्थानीय लोगों ने राजस्व अधिकारियों से कई बार शिकायत किया लेकिन कार्रवाई नहीं होने से चुप्पी मार कर बैठ गए। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत उन्हें नहीं मिली है। ऐसा है तो पैमाइश कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पशुओं को बांध कर छोड़ देते मनबढ़
जौनपुर। स्थानीय लोगों ने बताया कि भटक कर इधर नदी के किनारे होते पशु चले गए तो उन्हें वहीं खुंटे में बांधकर कई दिनों तक छोड़ दिया जाता। पशुओं को खाने के लिए भी कुछ नहीं दिया जाता है। अगर पशु की मौत हो गई तो उन्हें नदी के किनारे गाड़ दिया जाता है। खुदाई होने पर कई पशुओं के अवशेष बरामद हो सकते है।