जौनपुर। कुछ गांवों में आरओ प्लांट लगाया जा रहा है। प्लांट लगाने वाले ठेकेदार इसे भारत सरकार की योजना बता रहे हैं और इसे ग्राम प्रधानों के यहां लगवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए ग्राम प्रधानों को लुभाया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी गौरव वर्मा ने बताया कि शिकायत मिली है और आरओ लगाने का काम रोकने का आदेश सभी बीडीओ को दिया गया है।
रामपुर ब्लाक के सरायडीह गांव में प्रधान के घर आरओ प्लांट लगना शुरू हुआ तो इसकी शिकायत उसी गांव के आलोक कुमार सिंह ने डीएम और सीडीओ से की। उन्होंने कहा कि आरओ लगवा रहे ठेकेदार का कहना है कि जिले में स्वच्छ भारत मिशन जल संसाधन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आरओ प्लांट लगाने के लिए जिले के 100 राजस्व गावों को चयनित किया गया है। एक आरओ प्लांट की कीमत लगभग आठ लाख रुपए बताई जा रही है। इस प्लांट को आरएस एसोसिएट एंड संस नामक कंपनी लगा रही है। उधर शिकायत मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने रामपुर बीडीओ को सरायडीह गांव के ग्राम प्रधान के घर लग रहे आरओ प्लांट का काम रुकवाने और संबंधित कार्यदायी संस्था से दस्तावेज प्रस्तुत करवाने का निर्देश दिया। जिसके बाद बीडीओ ने आरओ प्लांट का काम रोकवा दिया। साथ ही संबंधित कार्यदायी संस्था को दस्तावेज के साथ आठ अप्रैल को सीडीओ के समक्ष प्रस्तुत होने का निर्देश दिया है। वैसे अन्य किसी गांव का मामला प्रकाश में नहीं आया है। लेकिन कंपनी के जिम्मेदार लोगों का कहना है कि चुनाव से पूर्व सभी गांवों में लगाने के लिए कहा गया है। राजनैतिक दल के लोग इसे सत्ता की साजिश भी मान रहे हैं। प्रभारी खंड विकास अधिकारी रामपुर राजीव सिंह का कहना है कि सीडीओ के निर्देश पर आरओ प्लांट के निर्माण का कार्य रोकवा दिया गया है और उसे अभिलेख के साथ आठ अप्रैल को सीडीओ के समक्ष प्रस्तुत होने का निर्देश दिया गया है।
कोट:
राजस्व गावों में आरओ प्लांट लगाने की कोई योजना मेरे संज्ञान में नहीं है। न ही कोई पत्र आया है। खंड विकास अधिकारी को शिकायत मिलने के बाद मौके पर भेजकर कार्य रोकवा दिया गया है और संबंधित एजेंसी को तलब किया गया है।
गौरव वर्मा
मुख्य विकास अधिकारी