जौनपुर। गोमती नदी के घाटों पर साफ-सफाई करने की जिसकी जिम्मेदारी है, वहीं नगरपालिका खुद सद्भावना पुल और हनुमान घाट के बीच कबाड़ फैलाकर गंदगी किया हुआ है। मंगलवार को जिलाधिकारी ने ईओ को कूड़ा हटाने का निर्देश दिया। इस पर ईओ ने कहा, सर कहीं जगह नहीं, इसे कहां ले जाए। कूड़ेदान का ढेर अन्य स्थानों पर लगा हुआ है। तबेला भी चल रहा है। इसका गोबर और गंदगी नदी में बह रहा है। इस घाट को पूर्व डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने लोगों के सहयोग से लाखों रुपये खर्चकर सैकड़ों ट्राली मिट्टी गिराकर पार्क के लिए प्रस्तावित किया था लेकिन नगरपालिका ने इसे अपना कबाड़ केंद्र बना लिया है।
गोमती नदी में 21 नालों का पानी बहाया जा रहा है। नदी के घाट पर गंदगी का अंबार लगा हुआ था। कचरा, कूड़ा से नदी के सभी घाट पटे पड़े हैं। कई घाटों पर कूड़े का ढ़ेर साफ-साफ दिख भी रहा है। खुद नगरपालिका प्रशासन सफाई के प्रति गंभीर नहीं था लेकिन अमर उजाला के अभियान के बाद जिलाधिकारी ने पहल शुरू की है। जिलाधिकारी की पहल पर सोमवार को 300 सफाई कर्मचारियों को लगाकर साफ-सफाई कराई गई। गोमती नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने के प्रयास में जुटे स्वच्छ गोमती अभियान के सदस्यों एवं एनसीसी के छात्रों ने भी सहयोग किया। इसके बाद शाही पुल से लेकर शास्त्री पुल तक नदी के दोनों घाट साफ दिखने लगे हैं लेकिन अभी भी गंदगी बरकरार है। इसे और साफ किए जाने की आवश्यकता है, जो भी हो हनुमान घाट से सद्भावना पुल के बीच नगरपालिका ने सैकड़ों की संख्या में कबाड़ कूड़ेदान, बांस बल्ली रखकर गंदगी खुद फैला रखा है। इसी घाट पर तबेला संचालित है, जिसकी पूरी गंदगी नदी में खुलेआम बहाया जा रहा है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने भी अपनी आंखों से गंदगी देखी और नगरपालिका के अधिशासी अभियंता को हटाने का निर्देश भी दिया।
नदी में नगरपालिका गिरा रहा था कूड़ा
जौनपुर। जिसे सफाई की जिम्मेदारी है, अगर वही गंदगी फैलाएं तो सफाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। सोमवार को सफाई अभियान में ऐसा कचरा मिला, जिसे नगरपालिका ने ही नदी में गिराया था। स्थानीय लोगों की माने तो पहले नगरपालिका का कूड़ा नदी के घाटों पर ही गिराया जाता था। इससे पूरी नदी गंदगी एवं प्रदूषण से बजबजा गई है। अभी भी कूड़े का ढेर घाटों पर देखा जा सकता है।
कोट
गोमती नदी के सभी घाटों पर साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। घाटों पर लाइटिंग की व्यवस्था कराई जा रही है। जहां तक कूड़ेदान रखने का प्रश्न है, शीघ्र ही इसे दूसरे स्थान पर रखकर घाट का सुंदरीकरण कराया जाएगा। - कृष्णचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद जौनपुर