बदलापुर। राम नाम ही श्रीरामचरित मानस का प्राण तत्व है। तुलसीदास जी द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस का स्थान हिन्दी साहित्य में ही नहीं, अपितु जगत के साहित्य में निराला है। उक्त बातें अयोध्या से पधारे कथा वाचक मारुति नंदन महराज ने दुधौड़ा गांव में स्थित भगवान शिव के मंदिर पर चल रहे नौ दिवसीय कथा के चौथे दिन रविवार को श्रोताओं को राम कथा का रसपान कराते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव मां पार्वती से बताते हैं कि श्रीराम चरित मानस की कथा सुनने से आदर्श गृहस्थ्य जीवन,आदर्श राज धर्म,आदर्श पारिवारिक जीवन,आदर्श पतिव्रत धर्म,आदर्श भातृ धर्म के साथ ही साथ ही सर्वोच्च भक्ति,ज्ञान, त्याग व वैराग्य का बोध होता है। कथा के बाद कथावाचक मारुती नंदन महराज सहित श्रृद्दालुओं ने दो मिनट का मौन धारण कर पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस मौके पर शीतला प्रसाद यादव, सुजीत सिंह, सोनू सिंह, रामा सिंह, माताफेर, बसंत लाल, डा.जेपी सिंह, अखिलेश तिवारी आदि मौजूद रहेे।