जौनपुर। तहसीलदार केराकत पीके राय को मारने पीटने के आरोपी अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को एसीजेएम द्वितीय लोकेश वरुण की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने जमानत प्रार्थना पत्र दिया जिसे मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दिया। जिसके पश्चात जिला जज नन्दलाल की अदालत में दाखिल करते हुए अतरिम जमानत की मांग की। जिसे न्यायाधीश ने स्वीकार करते हुए तीस हजार की दो जमानत व उतनी ही धनराशि की व्यक्तिगत बन्धपत्र दाखिल करने पर अन्तरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। विगत दिनों तहसीलदार केराकत ने अधिवक्ता के परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए उनके घर के अवयस्क परिजनों को भी थाने में बंद करवा दिया था, जिसके विरोध में दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार भी किया था।