जौनपुर। तेज धूप और गर्मी के बावजूद शुक्रवार को दिन भर प्रत्याशी प्रचार में लगे रहे। आखिरी ताकत लगाकर उन्होंने प्रचार किया लेकिन शाम पांच बजते ही सारा शोर थम गया। उसके बाद अपने समर्थकों और वोटरों की गोलबंदी का काम तेज हो गया। प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालय में शाम के बाद बूथों के बस्ते तैयार करने और भेजने का काम तेज हो गया। शनिवार से पोलिंग पार्टियों की रवानगी शुरू हो जाएगी और 12 मई को मतदान होगा।
जौनपुर और मछलीशहर सीट पर 12 मई को मतदान है। दोनों सीटों पर नामांकन और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद एक पखवाड़े तक चुनाव प्रचार की धूम रही। किसान खलिहान में गेहूं की फसलों की तैयारी में जुटे थे लिहाजा प्रत्याशियों को कड़ी धूप में भी खेत-खलिहान तक चक्कर काटना पड़ा। प्रत्याशियों के रिश्तेदार-नातेदार और समर्थक भी दूसरे शहरों से आकर प्रचार कर रहे थे। चुनाव प्रचार बंद करने के बाद बाहर से आए नेताओं को क्षेत्र छोड़ने के आदेश दे दिए गए हैं।
भाजपा के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की सभाएं हुईं तो कांग्रेस के समर्थन में महासचिव प्रियंका गांधी ने जनसभा की। गठबंधन के प्रत्याशियों के समर्थन में बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनसभा की। शुक्रवार को और दिनों की अपेक्षा प्रत्याशियों ने प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी लेकिन मतदान से 36 घंटे पूर्व जैसे ही पांच बजा सब कुछ शांत हो गया। प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों में दिन भर पोलिंग बूथ पर भेजने के लिए बस्ते तैयार किए जाते रहे। साथ ही मतदान स्थल पर बस्ता लगाने की जगह भी चिह्नित कर ली गई है।
चुनाव आयोग द्वारा मतदान से 36 घंटे पूर्व प्रचार रोक दिए जाने का निर्देश है। जिसके क्रम में शुक्रवार की शाम पांच बजे प्रचार थम गया।अब कोई भी प्रचार नहीं कर सकता है। अगर कोई इसका उलंघन करते हुए पकड़ा जाएगा तो उसके विरुद्घ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
आरपी मिश्र
उप जिला निर्वाचन अधिकारी