जौनपुर। संपूर्ण समाधान दिवस कहने को ही संपूर्ण रह गया है। जिले भर के अधिकारियों की टीम मिलकर 10 फीसदी से भी कम शिकायतों का निस्तारण कर पाती है। सभी तहसीलों में बुधवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 434 फरियादियों को मायूस लौटना पड़ा जबकि मात्र 41 प्रार्थनापत्रों का ही मौके पर निस्तारण हो पाया।
मुख्य विकास अधिकारी गौरव वर्मा ने बदलापुर तहसील सभागार में जन समस्याएं सुनी। इस दौरान कुल आए 118 प्रार्थना पत्रों में से महज चार का निस्तारण हो सका। सीडीओ ने मातहतों को चेतावनी दी कि जन शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय के अंदर किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एससी वर्मा, सीओ राम भवन यादव, उपायुक्त मनरेगा कमलेश सोनी मौजूद रहे। उप जिलाधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने शाहगंज तहसील सभागार में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। यहां कुल 54 प्रार्थना पत्रों में से मात्र सात का निस्तारण किया गया। तहसीलदार केके मिश्र ने मछलीशहर तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जन समस्याओं को निस्तारित किया। उन्होंने 61शिकायतों में से छह का निस्तारण किया। तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षकों व लेखपालों को अविलंम्ब सभी गांवों के काश्तकारों की वरासत दर्ज करने का निर्देश दिया। जिससे सभी को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सके । उप जिलाधिकारी मोती लाल यादव ने मड़ियाहूं तहसील सभागार में समस्याएं सुनीं। 102 प्रार्थना पत्रों में से नौ का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसीलदार श्री प्रकाश गुप्ता ने केराकत तहसील सभागार में सुनवाई की। यहां 85 में मात्र पांच की समस्या का समाधान हुआ। कई अधिकारी नदारद रहे। तहसीलदार ने बताया कि ज्यादातर लोग अन्य सरकारी कार्य में व्यस्त रहने के कारण नहीं आ पाए हैं। सदर तहसील सभागार में नायब तहसीलदार ने जन समस्याएं सुनीं और 55 में 10 मामलों का निस्तारण किया।