जौनपुर। जनपद की सीमा में 75 किलोमीटर लंबे वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने का काम जून 2018 में पूरा होना था लेकिन नहीं हुआ। धूल-गुबार और गड्ढा युक्त सड़कों पर सफर करना मजबूरी है। शहर में जाम की समस्या, सड़कों की दुर्दशा रोडवेज डिपो का भवन भी आधा अधूरा रह गया। सिटी और भंडारी रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज निर्माण की उम्मीद भी पूरी नहीं हो सकी। किसी भी रूट पर नई बसों का संचालन भी नहीं हो सका।
करीब 50 लाख से भी अधिक आबादी वाले इस जिले में सड़कों पर गड्ढों को भरने के लिए अभियान जरूर चलाया गया लेकिन अभियान रफ्तार नहीं पकड़ सका। जिम्मेदार अधिकारी कभी बजट न होने का रोना रोते हैं तो कभी सड़कों पर बने गड्ढों को जल्द भरने का दावा करते हैं। जिले में आवागन को सुगम बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से 3854 सड़कों का निर्माण कराया गया है। इन सड़कों की कुल लंबाई 6245 किलोमीटर है। सड़कों के इस जाल में 263 किलोमीटर राजमार्ग हैं जबकि 93 किलोमीटर प्रमुख जिला मार्ग हैं। ग्रामीण मार्गों की कुल लंबाई 4800 किलोमीटर है। सरकार के फरमान के बाद जून 2017 में लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों की कराई गई पड़ताल में पाया गया था कि 1255 किलोमीटर सड़कें गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं। अभी भी पांच सौ किलोमीटर से अधिक सड़कों पर गड्ढा नहीं भरा जा सका है।
2019 में बनकर तैयार होगा रोडवेज डिपो का भवन
जौनपुर। वर्ष 2016 से निर्माणाधीन जौनपुर रोडवेज बस डिपो का भवन 2018 में भी पूरा नहीं हो सका। 3.16 करोड़ की लागत से बन रहा रोडवेज डिपो का भवन अभी भी अधूरा। आनेवाले साल में रोडवेज डिपो का भवन बनकर तैयार हो जाएगा। नए भवन के निर्माण से जहां अलग अलग रूट की बसों के लिए अलग अलग प्लेटफार्म बन जाएगा और लोगों को बसों के लिए भटकना नहीं होगा वहीं यात्रियों को बैठने के लिए भी बेहतर सुविधा होगी। अभी लोगों को खुले आसमान में ही खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बदलापुर में नए रोडवेड डिपो भवन के लिए एक नवंबर को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आधारशिला रखी है।
रेल यातायात में भी नहीं हुआ कोई खास परिवर्तन
जौनपुर। मऊ से लखनऊ के लिए चलाई गई 5171 इंटरसिटी ट्रेन को छोड़ दिया जाए तो इस वर्ष रेल यातायात में भी कोई खास परिवर्तन नहीं हो सका। भंडारी और सिटी रेलवे स्टेशन पर एक एक और फुट ओवरब्रिज के निर्माण की मांग लंबे समय से हो रही है। लेकिन यह जरूरत भी पूरी नहीं हो सकी। भंडारी रेलवे स्टेशन पर एक ओवरब्रिज और एक अंडग्राउंड रास्ता है जिससे एक प्लेटफार्म से दूसरे पर लोग आते जाते हैं।