फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध निर्माणों पर नोटिस की खेल कर रहे अफसर !

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
जौनपुर। शहर में अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है। अफसर ऐसे निर्माण पर नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं लेकिन इससे अवैध निर्माण रुक नहीं रहा है। मास्टर प्लान विभाग ने साल में तकरीबन 600 नोटिस जारी किए हैं। मगर कार्रवाई इक्का-दुक्का मामले में ही हुई है। लिहाजा मास्टर प्लान को ठेंगा दिखाते हुए लोग बेखौफ होटल, माल, शोरूम, मकान, दुकानें बनवा रहे हैं।
शहर में 39 वार्ड हैं। इन वार्डों में भवन का निर्माण नक्शा पास करते हैं। मगर अफसरों की अनदेखी के चलते बिना नक्शा पास कराए ही लोग मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनवा रहे हैं। शहर में मास्टर प्लान के कर्मचारी बाइक से घूमते रहते है लेकिन वे निर्माण कराने वालों का केवल भयादोहन करते हैं। वसूली के बाद आंख मूंद लेते हैं। इस तरह पूरे शहर में धड़ल्ले से अवैध निर्माण हो रहे हैं। जहां मामला नहीं पटता है, वहां नोटिस दिया जाता है। नोटिस के बाद भू स्वामी की ओर से जवाब का सिलसिला शुरू होता है। ज्यादातर मामलों में नोटिस और जवाब से ही निस्तारण हो जाता है। कुछ मामलों में नियम प्राधिकारी विनियमित के स्तर से कार्रवाई होने के बाद भू स्वामी डीएम कोर्ट में अपील कर देते हैं। इस तरह मामला 10 से 15 वर्ष तक चलता रहता है। फरवरी 2018 में इस तरह के 437 मामले लंबित थे। दिसंबर 2018 में यह संख्या घटकर 216 तक आकर सिमट गई। जनवरी में 80 लोगों को अवैध निर्माण कराने पर नोटिस दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



शिकायत मिलने के बाद अवैध निर्माण पुलिस से रूकवाया जाता है। फिर धारा 10 के तहत नोटिस सबंधित को भेजा जाता है। आपत्ति और जवाब आने के बाद सुनवाई की जाती फिर कार्रवाई होती है। कार्रवाई के बाद डीएम के यहां अपील होने से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अग्रिम आदेश तक रोक दी जाती है।
सुरेंद्र मिश्र
नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र
जौनपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें