जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के त्रिलोचन बाजार में कबाड़ का काम करने वाले 11 लोगों को पुलिस ने चोरी और अवैध रूप से वाहनों को काटकर बेचने-खरीदने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया। जबकि एक भाग गया। पकड़े गए आरोपियों में एक वाराणसी का भी कबाड़ी है। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि आरोपियों के पास से 34 वाहनों को जब्त किया गया। वहीं 38 वाहनों के इंजन और लगभग 150 चार पहिया वाहनों के कलपुर्जे जब्त किए गए हैं। इनकी कीमत लगभग नौ करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
एएसपी ने पुलिस लाइन में बृहस्पतिवार की दोपहर मामले का खुलासा किया। साथ ही बताया कि मुखबिर की सूचना पर जलालपुर पुलिस, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने त्रिलोचन बाजार में अवैध तरीके से वाहनों को काटने का काम करने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें जलालपुर थाना क्षेत्र के त्रिलोचन बाजार निवासी बचई उर्फ अख्तर अली, राजू अग्रहरि, दुर्गेश कुमार गुप्ता पुत्र विजय गुप्ता उर्फ मुन्ना, भवनाथपुर निवासी बनारसी अग्रहरि, मकरा लहंगपुर निवासी सुशील कुमार गुप्ता, रेहटी त्रिलोचन निवासी पंकज कुमार अग्रहरि, जयशंकर अग्रहरि, डिगुरपुर निवासी राकेश गुप्ता, बीबनमऊ निवासी दिनेश चन्द्र गुप्ता, ओम प्रकाश गुप्ता और वाराणसी जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र के अमौत निवासी तेजू प्रसाद गुप्ता शामिल हैं। इनके अलावा भवनाथपुर गांव निवासी राकेश गुप्ता उर्फ प्रधान भी है, जो फरार है। एसपी ने बताया कि ये सभी महाराष्ट्र, दिल्ली, वाराणसी जैसे शहरों से चोरी की गाड़ियों को लेकर काटते थे। गिरफ्तारी करने वाली टीम को 20 हजार का इनाम देने की घोषणा की है। इसके अलावा मामले में तह तक जांच के लिए एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार को जांच अधिकारी बनाया है। गिरफ्तार एक आरोपी के खिलाफ गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की बात एसपी अजय कुमार साहनी ने कही है। साथ ही कहा कि पूरे मामले की एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार से जांच कराई जाएगी। एएसपी सिटी ने बताया कि पुलिस के भूमिका की भी जांच की जाएगी। एसपी ने बताया कि जांच में यह पता चला है कि पकड़े गए कबाड़ी बिना आरटीओ के अनुमति के वाहन काटते थे। अब ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उन्होंने एआरटीओ को बैठक के लिए भी शाम को बुलाया है।
कई सालों से चल रहा है खेल, पुलिस को है खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के त्रिलोचन और जलालपुर बाजार में चोरी की गाड़ियाें को काटने का अवैध कारोबार नया नहीं है। अमर उजाला ने वर्ष 2016 और इसी वर्ष जनवरी में ही इसे लेकर खबर प्रकाशित की थी। इस खेल में जलालपुर थाने के एक दीवान के शामिल होने की बात उजागर होने पर एसपी ने निलंबित कर दिया था।
अमर उजाला ने साल 2016 और जनवरी में पुलिस की मिलीभगत से कटती हैं गाड़ियां शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामले को उजागर किया था। कुछ को छोड़ अधिकांश के पास न तो कोई लाइसेंस है और न ही इनके स्तर से प्रशासन को कोई सूचना ही दी जाती है। पूर्वांचल ही नहीं मुंबई, गुजरात और अन्य प्रांतों के वाहनों को लेकर कबाड़ी काटकर बेचते हैं। चेचिस और इंजन नंबर में भी फेरबदल कर देते हैं।
एक दीवान को किया जा चुका है निलंबित
चोरी के वाहनों के काटकर बेचने के धंधे का मामला उजागर होने पर इसी साल जनवरी में एसपी अजय कुमार साहनी ने बड़ी कार्रवाई की थी। जलालपुर थाने के दीवान को निलंबित कर दिया था।
पता चला कि थाने पर तैनात एक दीवान ने कुछ गाड़ियों को त्रिलोचन स्थित कबाड़ी के पास भेज दिया। जानकारी होने पर थानाध्यक्ष विजय शंकर सिंह ने सभी गाड़ियों को कब्जे में लेकर कबाड़ी को गिरफ्तार किया। इसकी जानकारी एसपी को दी। एसपी ने दीवान को निलंबित कर दिया। अगले ही दिन अमर उजाला ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित कर पूरा सच उजागर किया।