जौनपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बजट खपाने को लेकर विभागों में अफरातफरी मची रही। शासन से आवंटित बजट को शत-प्रतिशत भुगतान कर खाता शून्य करने की कोशिश में अफसर-कर्मचारी जुटे रहे। अंतिम दिन 11 विभागों ने 27.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया। इसमें सर्वाधिक राशि बेसिक शिक्षा विभाग की है। हालांकि किसी भी विभाग ने बजट सरेंडर नहीं किया है।
वित्तीय वर्ष 2020-2021 में सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए समय-समय पर विभागों को बजट आवंटित किए गए थे। सभी विभागों को इसे 31 मार्च तक खर्च कर पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा गया था। शुरुआती दिनों में सुस्ती बरतने वाले विभाग क्लोजिंग के वक्त काफी तेज रहे। अंतिम सप्ताह में चुनाव की आशंका के कारण अधिकांश विभागों ने मार्च के पहले पखवारे तक ही बजट खर्च कर लिया था। इसका विवरण भी तैयार कर मुख्यालय को उपलब्ध करा दिया था। यही कारण रहा कि अन्य वर्षों की अपेक्षा कोषागार में इस बार विभागीय अफसरों-कर्मचारियों की भागदौड़ कम रही। अंतिम दिन कुल 11 विभागों ने अपने विभिन्न मदों में उपलब्ध बजट को खर्च किया। इसमें सबसे बड़ी धनराशि बेसिक शिक्षा विभाग की है। विभाग ने 17 करोड़ की धनराशि खर्च की है। इसके अलावा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने एक करोड़ 46 लाख, जिला पंचायत राज विभाग ने 45 लाख 39 हजार, पीडब्लूडी ने पांच करोड़, आपदा विभाग दो करोड़ 50 लाख, आईटीआई 36 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग 12 लाख, उद्यान विभाग 50 लाख, चिकित्सा विभाग 21 लाख, माध्यमिक शिक्षा विभाग 20 लाख और कृषि विभाग ने 10 लाख रुपये का बजट अंतिम दिन खर्च किया।
वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि अंतिम दिन कुल 11 विभागों ने 27 करोड़ 90 लाख 39 हजार रुपये का बजट खर्च किया है। इसमें सबसे अधिक बेसिक शिक्षा विभाग ने 17 करोड़ का भुगतान रहा। किसी भी विभाग ने बजट सरेंडर नहीं किया है।