जौनपुर। जौनपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को मूर्त रुप देने के लिए प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। प्रस्तावित प्राधिकरण का दायरा मौजूदा महायोजना से भी बड़ा होगा। इसमें नगर पालिका क्षेत्र के अलावा आसपास की चार नगर पंचायतों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा करीब तीन सौ राजस्व गांव भी प्राधिकरण के दायरे में आएंगे। इन गांवों के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। वहां मौजूद महत्वपूर्ण स्थलों, संकेतकों को भी चिह्नित किया जा रहा है, ताकि उनके अनुरूप कार्ययोजना बनाई जा सके।
करीब छह सौ वर्ष पुराने शहर को सुव्यवस्थित करने और विकास की नई राह खोलने के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने जौनपुर विकास प्राधिकरण के गठन की पहल की है। पिछले एक फरवरी को नियंत्रक प्राधिकरण क्षेत्र संबंधी बोर्ड की बैठक में जौनपुर को विकास प्राधिकरण बनाने पर सहमति बनी थी। शासन को इसका प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया था। बैठक में मौजूद रहे जिला पंचायत, नगर पंचायत के प्रतिनिधियों, जलनिगम, पीडब्ल्यूडी आदि के अफसरों ने विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव दिए थे। पहले महायोजना में शामिल 241 गांवों को ही समाहित करते हुए प्राधिकरण के गठन की तैयारी थी, मगर अब इसका दायरा और बढ़ाने पर सहमति बनी है। प्रस्तावित प्राधिकरण में नवसृजित कजगांव और गौराबादशाहपुर नगर पंचायत के अलावा जफराबाद व खेतासराय नगर पंचायत को भी शामिल किया जाएगा। इसके मध्य आने वाले करीब तीन सौ राजस्व गांव भी प्राधिकरण का हिस्सा होंगे। डीएम के निर्देश पर समिति इन निकायों और गांवों से संबंधित दस्तावेज खंगालने में जुटी है। इन्हें समाहित करने के बाद प्राधिकरण क्षेत्र की आबादी, भूमि का रकबा, सभी महत्वपूर्ण स्थल, तालाब, नाला, सड़क आदि का ब्योरा जुटाया जा रहा है। शीघ्र ही इसकी विस्तृत रूपरेखा शासन को भेजी जाएगी।