उरई। चोरी के वाहनों पर नंबर प्लेट फर्जी लगाकर तस्करी करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने आरोपी युवक को दोषी पाते हुए पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये जुर्माना लगाया।
आटा थाने के तत्कालीन प्रभारी जगदीश प्रसाद पाल अपने पुलिस फोर्स के साथ 26 जून 2020 को थाना क्षेत्र के ग्राम चमारी के पास चेकिंग अभियान चला रहे थे। एक युवक उरई की तरफ से आ रहा था। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, शक होने पर पुलिस ने जब युवक का पीछा किया तो, वह तेज कदमों से भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम हमीरपुर जिले के चिकासी थाना क्षेत्र के बिरेहटा गांव निवासी जगभान केवट बताया। पुलिस ने उसके पास से चोरी के चार ट्रैक्टर व एक बाइक बरामद की। पुलिस ने आरोपी युवक को कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। उप निरीक्षक दामोदर सिंह ने मामले की विवेचना कर आरोपी के खिलाफ 18 मई 2021 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान गवाह और सबूतों को पेश किया गया। बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें पक्ष और विपक्ष के अधिवक्ताओं की बहस के बाद अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने पत्रावली का अवलोकन कर आरोपी जगभान केवट को दोषी पाते हुए, पांच साल की सजा सुनाई और सात हजार रुपये जुर्माना लगाया।