आटा। गढ़ा इटौरा निवासी समाजसेवी और पूर्व प्रधान राघवेंद्र सिंह परिहार के बड़े बेटे जयंत उर्फ करण (25) ने गुरुवार को गुरुग्राम में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। वह गुरुग्राम स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में उच्च पदा कर कार्यरत थे। शनिवार को उनका शव गांव पहुंचा।
गांव निवासी जयंत पूर्व में एक निजी बैंक में एरिया मैनेजर थे। हाल ही में उन्होंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी शुरू की थी। एक दिसंबर को जयंत की शादी थी। उसकी शादी की तैयारियां चल रहीं थीं, घर में उत्साह का माहौल था। इस बीच परिजनों को गुरुवार को उसके खुदकुशी कर लेने की खबर मिली। परिजनों ने बताया कि जयंत ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। जयंत ने यह कदम क्यों उठाया, इसके पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है।
पिता ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें जयंत के नौकर से मिली। जब नौकर घर पर खाना लेकर पहुंचा तो उसने जयंत का शव फंदे से लटका देखा। सूचना मिलते ही परिजन गुरुग्राम पहुंचे। वहां पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव लेकर लौटे। जयंत की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।