उरई। यमुना के जलस्तर में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन जिले में बाढ़ की तबाही अभी थमी नहीं है। रामपुरा, कुठौंद, कालपी और कदौरा ब्लॉकों के नदियापार क्षेत्र स्थित करीब 90 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ और बारिश के चलते अब तक 50 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो चुकी है, जबकि करीब 60 कच्चे मकान पूरी तरह ढह चुके हैं।
हजारों लोग अपना सब कुछ खो चुके हैं, जैसे घर, सामान, फसलें और रोजगार। 2500 से अधिक लोग घर छोड़कर पलायन कर चुके हैं, जिनमें कुछ राहत शिविरों में रह रहे हैं, तो अधिकांश लोग ऊंचे टीलों पर तिरपाल डालकर किसी तरह दिन गुजार रहे हैं। कूसेपुरा, मिर्जापुर और टिकरी गांव पूरी तरह जलमग्न हैं, जहां संपर्क टूट चुका है। इन गांवों में चार दिनों से बिजली गुल है, इससे इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं। 70 से ज्यादा गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित है।