बाढ़ पर चल रही यमुना नदी अब उतरने लगी है लेकिन इस दौरान क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ फसल नष्ट हो गई है। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण मध्य प्रदेश की चंबल नदी में आई बाढ़ का पानी पिछले दिनों छोडे़ जाने से यमुना खतरे का निशान 108 मी. पार कर गई थी। अब जलस्तर खतरे के निशान के नीचे आ गया है। रविवार को यमुना
का जलस्तर 103 मीटर पर स्थिर रहा। बाढ़ के दौरान यमुना के किनारे बसे देवकली , मंगरौल, गुढाखास , मदरा लालपुर आदि दर्जनों गांव पानी से घिर गए थे । क्षेत्र के किसानों की खड़ी सैकड़ों एकड़ फसलें नष्ट हो गई है। बाढ़ के समय कालपी से दर्जनों गांवों का संपर्क भी टूट गया था। आवागमन के लिए जौंधर रपटा व रायण नाले पर नाव चलाई जा रही थी। अब
लोगों ने राहत की सांस ली है। वही केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी ज्ञान सिंह के अनुसार मध्य प्रदेश की चंबल नदी का पानी आने से यमुना नदी का जल स्तर 50 से.मी प्रति घण्टे बढने कारण जल स्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। अब पानी की रफ्तार कम है! बाढ़ से नदी के किनारे बसे गांव मंगरौल, कीरतपुर, हीरापुर, शेखपुर गुढा, गुढाखास देवकली व
तहसील के आगे बसे गांव रायण, मदरालालपुर सहित दर्जनों गांवों का संपर्क कालपी से टूट गया था। बाढ़ से नदी के किनारे बसे कई गांव पानी से घिर गए थे। यहां पर खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गई हैं।