जालौन। सीएचसी में एक ओर जहां पिछले पंद्रह दिनों से एक्सरे मशीन तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी है। वहीं दूसरी ओर पिछले दस दिनों से महिला चिकित्सक के न होने से महिला मरीजों को इलाज में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को इन दोनों समस्याओं ने और अधिक कठिनाई में डाल दिया है।
अस्पताल में एक्सरे मशीन बंद होने से मरीजों को मजबूरन निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहां उन्हें जांच के लिए अधिक शुल्क देना पड़ रहा है। गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए यह अतिरिक्त खर्च उठाना बेहद कठिन साबित हो रहा है। कई मरीज बिना जांच कराए ही लौट जा रहे हैं। मरीजों का कहना है कि सरकार की ओर से सुविधाएं मुफ्त में उपलब्ध कराने का दावा है, यहां मूलभूत सुविधाएं भी ठप हैं।