उरई। महिला सिपाही के प्रेम विवाह करने से नाराज चल रहे परिजनों ने उसके पति की घर में घुसकर चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवाह अपने बयानों से मुकर गए जिससे हत्या में नामजद तीनों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट ने बरी कर दिया है। वहीं, गवाहों के खिलाफ वाद दायर कर नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शिवपुरी में किराए के मकान में महिला सिपाही रिंकी राजपूत अपने पति मनीष के साथ रहती थी। महिला सिपाही ने 28 अगस्त 2020 को कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 27 अगस्त कि शाम उसके किराए के घर में फतेहपुर जिले के गौसपुर के कल्यान निवासी उसके पिता प्रेम सिंह, भाई अंकित सिंह व थरियांव थाना क्षेत्र के सुखपुर निवासी मामा देशराज आए। वह खाना बनाने लगी, तभी मामा ने पति मनीष को पकड़ लिया पिता और भाई ने चाकुओं से उसके ऊपर कई वार किए। चीख सुनकर वह बचाने पहुंची तो उसे धक्का मार कर गिरा दिया। इसके बाद उसके पति मनीष की हत्या कर भाग गए। उसने बताया था कि उसने अपनी मर्जी से मनीष से प्रेम विवाह किया था। इसलिए पूरा परिवार उससे रंजिश मानता था। इसी वजह से हत्या कर दी थी। पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने पिता पुत्र समेत मामा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने घटना के दौरान आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। घटना के 15 दिन बाद महिला सिपाही की मृत्यु हो गई थी। कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान घटना में चश्मदीद गवाह अभिजीत गुर्जर व सजग गुर्जर अपने बयान से मुकर गए थे। जिस पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है।