फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे दिन भी सन्नाटे में रहे गेहूं खरीद केंद्र

Sat, 02 Apr 2016 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
विज्ञापन
अब तक नहीं खुले ये केंद्र सहकारी संघ सरावन साधन सहकारी समिति सरावन सहकारी समिति गोरा भूपका किसान सेवा केंद्र रामपुरा एफएसएस सहकारी, ऊमरी सहकारी समिति, अमखेड़ा सहकारी समिति मजीठ सहकारी समिति बहादुरपुर सहकारी समिति जगम्मनपुर सहकारी समिति नावर, सहकारी समिति धमना सहकारी समिति पड़कुला सहकारी संघ, माधौगढ़ साधन सहकारी संघ, रामपुरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जनपद में दूसरे दिन भी गेहूं खरीद ठप रही। शनिवार को भी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। बताया जा रहा है कि कई केंद्रों पर बारदाना न होने से खरीद शुरू नहीं हो पा रही है। वहीं किसानों के अनुसार गेहूं खरीद के लिए अब तक प्रशासन की ओर से टोकन तक नहीं दिया गया है। ऐसे में गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पा रही है। एक अप्रैल के बाद भी गेहूं खरीद शुरू न
विज्ञापन


होने से किसान भी खासे चिंतित हैं। जिन्हेें पैसे की आवश्यकता है, वह अपना गेहूं आढ़तियों के यहां औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। हालांकि इसमें उन्हें नुकसान के सिवा कुछ हासिल नहीं हो रहा है। किसान इस सबके लिए अफसरों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। बताते चलें कि शासन की मंशानुसार एक अप्रैल से जनपद में गेहूं की खरीद शुरू की जानी है। इसकेे

लिए एक सप्ताह पहले जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए गए थे कि जल्द से जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त कर एक अप्रैल से खरीद शुरू कराएं। इसके बाद अधिकारियों ने भी तमाम दावे किए कि व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं और समय से खरीद शुरू कर लक्ष्य पूरा किया जाएगा। अब स्थिति सभी के सामने है। दूसरे दिन भी एक दाना गेहूं नहीं खरीदा जा सका है।
विज्ञापन


इक्का-दुक्का खुले केंद्र भी दिखावा
ब्लाक क्षेत्र में इस मर्तबा 17 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर दो दिन बाद भी खरीद को लेकर कोई व्यवस्थाएं नहीं की गईं हैं। 17 गेहूं खरीद केेंद्रों में इक्का-दुक्का खुल पाए हैं। उन्हें भी प्रशासन की ओर से टोकन व बारदाना न मिलने से गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पा रही है। पूछने पर बताया गया कि जब बारदाना व टोकन ही नहीं दिए गए तो किसानों का गेहूं कैसे खरीदें। इसके लिए स्थानीय अफसरों को जिम्मेदार भी बताया गया। खुले केंद्रों पर भी सन्नाटा पसरा है।

250 रुपये प्रति क्विंटल घाटा उठा रहे किसान
तय तारीख से गेहूं खरीद शुरू न होने से किसान बेहद परेशान है। ऐसे में किसान आढ़तियों का सहारा लेने को मजबूर हैं, क्योंकि उन्हें पैसे की आवश्यकता हैं। सरकारी मूल्य 1525 रुपये क्विंटलल निर्धारित है, लेकिन आढ़तियों के यहां किसान 1300 रुपये में गेहूं बेच रहे हैं। किसानों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर खासी नाराजगी है। ये बात अलग है कि वह इसका खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं।

लगुन नजदीक, कहां बेचें गेहूं
गांव धमना निवासी दुर्गा प्रसाद की बिटिया का विवाह होने वाला है। इसके लिए उन्हें लगुन (तिलक) ले जानी है, लेकिन खरीद केंद्र शुरू न होने की वजह से वह गेेहूं सरकारी मूल्य पर नहीं बेच पा रहे हैं। आढ़ती कम रेट लगा रहे है। उनका कहना है कि अधिकारियों को इस ओर उचित कदम उठाना चाहिए, ताकि किसानों को असुविधा न हो।

अब तक नहीं खुले ये केंद्र
सहकारी संघ सरावन
साधन सहकारी समिति सरावन

सहकारी समिति गोरा भूपका
किसान सेवा केंद्र रामपुरा

एफएसएस सहकारी, ऊमरी
सहकारी समिति, अमखेड़ा

सहकारी समिति मजीठ
सहकारी समिति बहादुरपुर

सहकारी समिति जगम्मनपुर
सहकारी समिति नावर,

सहकारी समिति धमना
सहकारी समिति पड़कुला

सहकारी संघ, माधौगढ़
साधन सहकारी संघ, रामपुरा

तकनीकी कारणों के चलते बारदाना व टोकन को समय से वितरित नहीं कराया जा सका। अब इसे एक दो दिन में किसानों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके साथ ही गेहूं खरीद शुरू करा दी जाएगी। किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। किसान अपना सरकारी केंद्रों पर ही वाजिब दामों में बेचें। - एसपी अग्रवाल, एसडीएम, माधौगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें