विधानसभा चुनाव में व्हाट्सएप पर प्रचार करना प्रत्याशी और उनके समर्थकों को भारी पड़ सकता है, क्योंकि पुलिस प्रशासन ने साइबर सेल के कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया है। वह प्रत्याशियों के प्रचार प्रसार पर नजर रख रहे हैं और इसकी रिपोर्ट जिला कार्यालय को देंगे। इससे यह खर्च भी प्रत्याशियों के खाते में जोड़ा जा सके। आदर्श आचार संहिता के पालन के लिए
एसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर चलने वाले प्रचार का खर्च भी प्रत्याशियों के खाते में जुडे़गा। इसका कारण ये कि आयोग ने चुनाव खर्च की सीमा निर्धारित कर रखी है। साइबर सेल व्हाट्सएप पर चलने वाले मैसेजों की मानीटरिंग कर रही है। इसके लिए साइबर एक्सपर्टों की टीम को सक्रिय किया गया है। इसके अलावा साइबर टीम धार्मिक उन्माद
फैलाने वालों पर भी निगाह रख रही है। पुलिस ऐसे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा फ्लाइंग स्काट टीम, वीडियो सर्विलांस टीम प्रत्याशियों की गतिविधियों के बारे में मानीटरिंग कर ब्यौरा जुटा रही है। इसी के आधार पर प्रत्याशियों के खाते में खर्च जोड़ा जाएगा।
कहां करें शिकायत
किसी भी तरह के आपत्तिजनक मैसेज की शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 05162-252233 पर की जा सकती है। नामांकन के बाद प्रत्याशियों के सोशल मीडिया पर प्रचार के बारे में बताया जा सकता है।
इस तरह के मैसेज पर होगी कार्रवाई
-किसी भी धर्म समुदाय या जाति पर आपत्तिजनक टिप्पणी।
-किसी भी प्रत्याशी व पार्टी पर आपत्तिजनक आरोप।
-मतदाताओं को लालच देने वाले आफर।
-किसी भी तरह वोटर को धमकाने व डराने।
-धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास।
-भड़काऊ मैसेज पर एडमिन के खिलाफ कार्रवाई-एसपी
एसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि चुनाव के दौरान सामाजिक व धार्मिक उन्माद फैलाने वाले मैसेजों को सोशल साइट के किसी भी ग्रुप में पोस्ट किया जाता है तो ऐसे में पोस्ट करने वाले के अलावा ग्रुप एडमिन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा साइबर एक्सपर्ट के साथ ही लोग अपनी शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम में भी कर सकते हैं।