करेंसी एक्सचेंज और भुगतान को लेकर बुधवार को रोज की अपेक्षा भीड़ ज्यादा रही। बुधवार को कोंच में साप्ताहिक बंदी होने से दुकानदारों का मजमा बैंक शाखाओं के बाहर ज्यादा रहा। भारी दबाव को देखते हुए कई बैंकों ने नोट बदलने से हाथ खींच लिए और केवल अपने खाताधारकों से ही लेन देन में दिलचस्पी दिखाई। भुगतान भी बहुत छोटे, मसलन हजार दो हजार
तक के किए गए। बैंकों कर्मियों ने बताया कि उनके पास करेंसी न होने के चलते भुगतान को छोटा करना पड़ रहा है। बैंक सूत्रों की माने तो यह किल्लत दो चार दिन की ही है। बीस नवंबर के बाद पर्याप्त करेंसी उपलब्ध होने की उम्मीद है। साप्ताहिक बंदी का दिन होने से रोज की अपेक्षा बैंकों के बाहर भारी भीड़ देखी गई। लोगों की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ती दिखीं
क्योंकि स्टेट बैंक के अलावा अन्य बैंक शाखाओं ने करेंसी एक्सचेंज करने से मना कर दिया। केवल अपने खाताधारकों को ही लेन देन की सहूलियत दी। इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, एक्सिस बैंक समेत अन्य बैंकों ने नोट बदलने की प्रक्रिया बंद कर दी और अपने खाताधारकों को ही केवल लेन देन यानी जमा और निकासी की सुविधा दीं।