उरई। जल संस्थान पर ठेके पर काम करने वाले पंप आपरेटर और बेलदार बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन पर उतर आए है। जिले भर के पंप आपरेटर और बेलदार गुुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित जल संस्थान कार्यालय पहुंचे और धरना पर बैठ गए। पंप आपरेटरों के धरने के कारण जिले भर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। बाद में ठेका कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन भी सौंपा। समस्या का निदान न होने पर 11 जुलाई को लखनऊ में मुख्यमंत्री कार्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी।
वीरेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में जल संस्थान के ठेका कर्मचारियों ने जिला कार्यालय में सुबह 11 से शाम चार बजे तक धरना दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें करीब आठ महीने से मानदेय नहीं दिया गया है। इस कारण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा हैं। इसके बारे में कई बार प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया पर सुनवाई नहीं हुई। जिसकी वजह से वह लोग आंदोलित है। कर्मचारियों ने बताया कि 17 मई को अधिशासी अभियंता को ज्ञापन दिया था। इसके बाद जून में डीएम को भी मांगपत्र दिया। बावजूद इसके भुगतान नहीं हुआ है। उधर, ठेका कर्मचारियों के आंदोलन में होने के कारण गुरुवार को जिले भर में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। पंप आपरेटर पप्पू ने बताया कि आंदोलन में प्लंबर, लेवर, नलकूप चालक और ठेका कर्मचारी शामिल रहे। इस आशय का ज्ञापन भी अधिशासी अभियंता को सौंपा।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता पीके यादव का कहना है कि कर्मचारियों को सात-आठ महीने से मानदेय नहीं मिला है। जिसकी वजह से वह आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने अपने विभागीय अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को पत्र लिखकर जल्द भुगतान कराने का अनुरोध किया है।