उरई। रबी की बुवाई का समय नजदीक आता जा रहा है और अभी तक नहरों और रजबहों में लबालब पानी नहीं दिखाई दे रहा है। फुलगेज से नहरें न चलने के कारण खेतों में पलेवा के लिए भी किसानों को किराए पर पानी लेकर काम कराना पड़ रहा है। कुछ जगहों पर तो पानी का स्तर ऊपर करने के लिए किसान रजबहे के बीच बीच में बंधा लगा रहे हैं, जिससे भी उन पर खर्च का बोझ बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि बीस अक्तूबर से पानी तो चालू है पर फुलगेज से नहीं है। इस कारण सबसे अधिक समस्या हो रही है। एडीएम प्रमिल कुमार का कहना है कि किसानों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी, जल्द ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फुल गेज से नहरें चलाने के निर्देश दिए जाएंगे।
मुहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, डकोर ब्लाक के आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसान पानी की कमी से बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। मुहम्मदाबाद, कुठौंदा, कुइंया, जैसारी, कुसमिलिया आदि गांवों के किसान अब्बू खां, पूरन वर्मा, कादिर अली, इंद्रपाल, महेंद्र, शशिकांत आदि का कहना है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई पर नहरों और रजबहों में फुल गेज से पानी नहीं आ रहा है। खरीफ की फसल पर अन्ना मवेशी संकट बनकर मंडराते रहे हैं और अब रबी के लिए पानी के लिए लाले पड़ रहे हैं। कुछ किसान रजबहे बंद कर पानी खेतों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन यह प्रयास भी सार्थक नहीं साबित हो रहे हैं, क्योंकि पानी की रफ्तार ही काफी धीमी है। रजबहे में पानी की कमी से अभी भी सैकड़ों बीघा खेत सूखे पड़े हैं। जल्द पानी न मिला तो किसानों को काफी नुकसान की आशंका है।
जालौन प्रतिनिधि के अनुसार, जगनेवा रजबहा काशीपुरा माइनर से कुठौंदा बुजुर्ग तक निकला है लेकिन अभी तक इस रजबहा से टेल तक पानी नहीं पहुंचा है। रजबहा से सारंगपुर, जगनेवा, हरदोई राजा, काशीपुरा व कुठौंदा बुजुर्ग के किसान अपने खेतों की सिंचाई व पलेवा करते हैं। रबी की फसल की बुवाई के पलेवा के लिए उत्तम माह अक्तूबर बीत चुका है। नवंबर माह को भी एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है। फिर भी जगनेवा रजबहा के टेल पर जिन किसानों के खेत हैं उनमें पलेवा के अभाव में बुवाई शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में किसानों को डर सता रहा है कि यदि समय निकल गया और पलेवा न हो सका तो वह बुवाई कैसे करेंगे। किसान गजेंद्र सिंह, श्याम कुमार, हरेंद्र सिंह, उपेंद्र आदि का कहना है कि यदि समय पर पानी न मिला तो खरीफ की तरह रबी की फसल भी खराब हो जाएगी।
मोहम्मदाबाद में बिना पानी सूखे पड़े खेत दिखाता किसान- फोटो : ORAI
जालौन स्थित जगनेवा के रजबहा में रुका हुआ पानी। - फोटो : ORAI