फोटो-12-गोशाला के बाहर हंगामा काटते ग्रामीण। स्रोत ग्रामीण
कोंच। ब्लॉक क्षेत्र के चंदुर्रा गांव स्थित अस्थायी गोशाला को पिंडारी गांव में स्थानांतरित करने पहुंचे अधिकारियों को शुक्रवार को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारी बिना कोई निर्णय लिए लौट गए। ग्रामीणों ने गोशाला की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए स्थानांतरण का विरोध किया और चेतावनी दी कि सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
ग्राम प्रधान के रिक्त पद के चलते गोशाला के संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। इसी के मद्देनजर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एडीओ पंचायत देवीशरण सोनी और ग्राम पंचायत सचिव पूनम राजपूत गोवंशों को पिंडारी की गोशाला में शिफ्ट कराने पहुंचे थे। अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीण गोशाला के बाहर एकत्र हो गए और स्थानांतरण का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि गोशाला की जर्जर हालत और अव्यवस्थाओं को दूर करने के बजाय गोवंशों को दूसरे गांव भेजा जा रहा है।
गोशाला की जाली लंबे समय से टूटी पड़ी है, साफ-सफाई, भूसा, चारा और पेयजल जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों ने समस्या के समाधान नहीं किया। ग्रामीणों ने मांग की कि गोशाला को दूसरे गांव में स्थानांतरित करने के बजाय चंदुर्रा में ही उसकी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएं और गोवंशों की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। करीब एक घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा। स्थिति को देखते हुए एडीओ पंचायत देवीशरण सोनी और ग्राम पंचायत सचिव पूनम राजपूत बिना किसी कार्रवाई के लौट गए।
वर्जन
वर्तमान में ग्राम प्रधान का पद रिक्त है, शासनादेश के अनुसार 100 से कम गोवंश वाली गोशालाओं को निकटवर्ती गोशालाओं में स्थानांतरित किया जा रहा है। चंदुर्रा गोशाला के गोवंशों को पिंडारी गोशाला में शिफ्ट करने की कार्रवाई की जा रही थी लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण स्थानांतरण की प्रक्रिया नहीं हो सकी। पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
देवीशरण सोनी, प्रशासक एवं एडीओ पंचायत, कोंच