संवाद न्यूज एजेंसी।
उरई। स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री के ऑनलाइन वितरण कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद जिले के उरई व जालौन तहसील में जनप्रतिधियों ने ग्रामीणों को स्वामित्व प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर लिंक के माध्यम से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रामीणों को संबोधित किया, जिससे लिंक के जरिए हजारों लोगों ने सुना। इस योजना में जिले की दो तहसीलों के 11 गांव को लिया था, जिसमें 1391 ग्रामीणों को घरौनी का प्रमाण पत्र वितरण किया गया। घरौनी का प्रमाण पत्र पाकर ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। ग्रामीणों का कहना है कि अब वह इस कागज को भी बैंक लोन व अन्य योजनाओं में शामिल कर सकते है।
प्रमाणपत्र से जमीन होगी सुरक्षित: संासद
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एट। उरई तहसील के ग्राम पचोखरा में स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को मालिकाना हक का प्रमाण पत्र वितरण करते हुए सांसद भानु प्रसाद वर्मा ने कहा कि अब इस प्रमाण पत्र से गांव में रहने वाले प्रत्येक करीब की जमीन सुरक्षित हो जाएगी, साथ ही गांव में अब पारिवारिक विवादों पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। एसडीएम सत्येन्द्र सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फिलहाल इस योजना को जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लांच किया गया था, जिसमें अभी दो तहसीलों को 11 गांवों को ही सम्मिलित किया गया था। जल्द ही यह योजना जिले की 575 ग्राम पंचायतों में लागू होगी। प्रथम चरण में पचोखरा गांव में गोपाल जी, राम कुमारी, प्रदीप, रानी, जगराम, सोमवती, सुशील पाठक, राम लल्ला, सोमवती सेवढ़ी गांव से बलवीर सिंह श्याम बिहारी प्रताप किशोरी शरण सोबरन हेमंत यादव सेई गांव से राम जी विजय सिंह अशोक कुमार को प्रमाण पत्र दिए गए।
घरौनी प्रमाण पत्र से मिला मालिकाना हक
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जालौन। अब ऐसे पुराने घर और जमीन जिसका कोई विवरण संबंधित व्यक्ति के पास नहीं हैं। ऐसे में घरौनी मिलने से उनके पास संपत्ति का मालिकाना हक होगा। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन को लेकर होने वाले विवाद समाप्त हो सकेंगे। यह बात सदर विधायक विकास खंड के 6 गांवों में 30 व्यक्तियों को घरौनी का वितरण करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि खतौनी की तर्ज पर अब राजस्व गांवों के आबादी भूमि पर बने घरों की घरौनी बनाकर उनके स्वामी को सौंपी जा रही है। संपत्तियों के प्रमाणित दस्तावेज प्राप्त होने से ग्रामीणों को अब बैंक से लोन आदि लेने में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। एसडीएम गुलाब सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को पहली बार मिलने जा रही इस घरौनी में संपत्ति के स्वामी का जिला, तहसील, ब्लॉक, थाना, ग्राम पंचायत के नाम के साथ ही ग्राम कोड और गांव के नाम का भी उल्लेख होगा। इसमें सर्वेक्षण वर्ष संपत्ति की जनसंख्या गाटा संख्या और भूखंड संख्या भी दर्ज है। इसके साथ ही प्रत्येक भूखंड का 13 अंकों का यूनिक आईडी संख्या भी इसमें अंकित किया गया है। सीओ विजय आनंद ने कहा कि केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की ओर से शुरू की गई, यह एक विशेष योजना है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, 24 अप्रैल, 2020 को घोषणा की थी। अब पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तैयार घरौनियों का वितरण किया जा रहा है। इस दौरान ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सुढ़ार, सालाबाद, तांबा, सोनई परवई, पमां, लहर उवा गांव में 5-5 व्यक्तियों को घरौनियों का वितरण किया गया। शेष व्यक्तियों को भी जल्द ही घरौनियों का वितरण किया जाएगा।
घरौनी पाकर खिले ग्रामीणों के चहरे
प्रमाण पत्र मिलते ही बने घर का कागज
घरौनी का प्रमाण पत्र लेने के बाद गांव के बलवीर यादव ने कहा कि अभी तक उनके घर के कोई भी कागज नहीं थे, घरौनी मिलने से घर का मालिकाना हक मिलने के साथ साथ सरकार की आने वाली तमाम योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
खत्म होगा बंटवारे का विवाद
राम कुमारी का कहना है, कि घरौली मिलने के बाद बंटवारे का जो विवाद होता था, अब वह खत्म होगा। घरौनी में घर में रहने वाले सभी सदस्यों के नाम भी चढ़े हुए हैं और उनका हिस्सा भी अंकित होता है।