कोंच। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने प्याज की फसल पूरी तरह से बर्बाद कर दी है। पानी से लबालब खेतों में किसान अपनी फसल को सहेजने में लगे हैं। कई किसानों को इस बर्बादी से लाखों की चपत लगी है।
तहसील क्षेत्र का ग्राम भेंड़ को प्याज की खेती का हब माना जाता है। किसानों की रुचि प्याज की खेती में है क्योंकि वे इसे नकदी फसल मानते हैं। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने गांव के कई किसानों की प्याज की फसल को बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि यकायक तेज हवाएं व तेज बारिश से पूरे खेत भर गए हैं जिससे प्याज की फसल बुरी तरह प्रभावित हो गई है। किसान जितेंद्र कुशवाहा, केशव सिंह, महेश चंद्र, देवसिंह आदि ने बताया कि खेतों में पानी भरा हुआ है। यहां पर कोई दस बीघा, कोई 5 बीघा तो कोई इससे भी अधिक रकबे में प्याज की खेती करता है। एक बीघे में लगभग एक सौ बोरी के औसत से प्याज की पैदावार होती है। एक बोरी प्याज की कीमत 900 से 1100 रुपये तक होती है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाया जाए। (संवाद)