कदौरा। प्रधानमंत्री आवास योजना में सचिव किस कदर भ्रष्टाचार कर रहे है इसकी बानगी क्षेत्र के ग्राम गढ़ा में देखने को मिलती है। आरोप है कि चार महीने पहले जांच करने गांव पहुंची टीम ने गांव में कुछ लोगों को आपात्र मानते हुए पहली किस्त की रिकवरी के निर्देश दिए थे। पर सचिव रिकवरी की जगह अपात्रों के खाते में दूसरी किस्त का धन भेज दिया। ग्रामीणों ने मामले को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
बता दे कि ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम गढ़ा में 4 माह पहले विकास कार्यों का निरीक्षण करने केंद्रीय टीम आई थी। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने सचिव पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पैसा लेकर गांव के कई अपात्रों को आवास दे दिए है। केंद्रीय टीम के निर्देश पर तत्कालीन डीएम ने जांच के लिए टीम गठित कर दी। करीब 15 दिनों बाद परियोजना निदेशक शिवाकांत द्विवेदी की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गांव पहुंची और आवासों की जांच की। जिसमें टीम ने लिस्ट में कई अपात्रों को पाया और उनसे रिकवरी के निर्देश दिए। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी वैभव कुमार पर कार्रवाई की बात कही थी। पर अधिकारियों के जाते ही मामला शांत हो गया। आरोप है कि इसी बीच सचिव ने अधिकारियों के आदेशों को दरकिनार करते हुए सुविधा शुल्क लेकर अपात्रों से रिकवरी तो दूर उनके खातों में दूसरी किस्त के 70-70 हजार रुपये भी डाल दिए। गांव के सुमित नारायण, देवेन्द्र, महेन्द्र, विनोद कुमार आदि डीएम को शिकायती पत्र भेज कर जांच की मांग की है।
बीडीओ अतिरंजन सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच करवाई जा रही है। अगर सचिव ने अपात्रों के खाते में दूसरी किस्त डाली है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।