कोंच। झांसी मंडल के ग्रामीण क्षेत्रों से यात्रा करने वाले लोगों को वीरांगना रोडवेज बस की सुविधा न मिलने के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक समय यात्रियों को राहत देने के लिए झांसी डिपो से रावतपुरा तक चलाई गई वीरांगना बस अब कोंच के आगे नहीं बढ़ रही। बीते एक साल से यह बस रावतपुरा या नदीगांव तक नहीं जा रही है, बल्कि कोंच में ही खड़ी कर दी जाती है।
नदीगांव और रावतपुरा धाम आने-जाने वाले यात्रियों के लिए वीरांगना रोडवेज बस किसी वरदान से कम नहीं थी, लेकिन अब इसके न चलने से स्थिति फिर से पुरानी जैसी हो गई है। रोजाना 250 से 300 यात्री इस रूट पर सफर करते हैं, लेकिन बस सेवा बंद होने के चलते उन्हें ट्रैक्टर, टेंपो और डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। स्कूली छात्र-छात्राएं भी इससे अछूते नहीं हैं। प्रतिदिन कोंच आने वाले करीब 70-80 बच्चे सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी नंदलाल, रामकुमार, जगदीश सिंह, मनोज, विनोद, संजय और शिवम समेत कई लोगों का कहना है कि बस का स्टाफ कोंच क्षेत्र से संबंधित है, इसलिए बस को वहीं रोक दिया जाता है। नदीगांव और रावतपुरा के यात्री बस का इंतजार करते रह जाते हैं। उन्होंने परिवहन विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द से जल्द वीरांगना बस सेवा को फिर से नदीगांव और रावतपुरा तक बहाल किया जाए।
यात्रियों की बात
जवाहरनगर निवासी आशीष कुमार दीक्षित ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से कोंच स्कूल पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है। सुबह के समय जिस तरह डग्गामारी होती है, उससे बड़ा हादसा हो सकता है। बस में क्षमता के अनुसार ही सवारी बैठती हैं।
जवाहरनगर निवासी रामशंकर कुशवाहा ने बताया कि मंदिर आने जाने के लिए अच्छी बस सेवा थी, इससे सुरक्षित और सही किराए में पहुंच जाते थे, लेकिन बस सेवा बंद होने से डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
एक नजर
कोंच से नदीगांव की दूरी: लगभग 21 किलोमीटर।
कोंच से रावतपुरा की दूरी: लगभग 28 किलोमीटर।
रोडवेज बस का किराया (कोंच से नदीगांव): 32 रुपये।
प्राइवेट बस का किराया (कोंच से नदीगांव) : 40 रुपये।
नदीगांव-रावतपुरा तक बस चलाना घाटे का सौदा साबित हो रहा था। सवारियां नहीं निकल रही थीं, इसलिए सेवा रोकी गई थी। हालांकि, जल्द ही वीरांगना रोडवेज बस को दोबारा इस रूट पर शुरू किया जाएगा। -रामदास, एआरएम रोडवेज, झांसी