फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल परिसर में जन्मे बच्चे की मौत पर हंगामा, जाम

विज्ञापन
महिला अस्पताल में डॉक्टरों से जानकारी लेती सीएमओ अल्पना बरतारिया - फोटो : ORAI
विज्ञापन
उरई। जिला अस्पताल के परिसर में प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने काफी देर तक जच्चा बच्चा की कोई सुनवाई नहीं की। जिससे नवजात की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में न सिर्फ हंगामा किया बल्कि अस्पताल के बाहर राजमार्ग पर जाम भी लगा दिया। सूचना पाकर एएसपी डा. अवधेश सिंह व सीओ सिटी संतोष कुमार मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। हालांकि मामला सुबह का होने के कारण जाम से राहगीरों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। सीओ ने कहा कि परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

कस्बा गोहन निवासी रवि की गर्भवती पत्नी रचना को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन गुरुवार शाम सात बजे जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां अस्पताल में तैनात डाक्टरों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि अभी प्रसव में समय है। इसके बाद रात एक बजे फिर प्रसव पीड़ा होने पर परिजन अस्पताल पहुंचे। पति रवि के मुताबिक, डॉक्टरों ने कहा कि पत्नी की हालत ठीक नहीं है, लिहाजा उसे तत्काल लेकर मेडिकल कालेज ले जाएं। रचना की भाभी बबली ने आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों ने बिना कागजात दिए मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।
वहां कागज न होने पर मेडिकल कालेज से फिर वापस भेज दिया गया। जब वह रचना को लेकर मेडिकल कालेज से वापस महिला अस्पताल आए, तभी अस्पताल परिसर में प्रवेश करते ही रचना को बच्चा हो गया। तब तक शुक्रवार की सुबह हो चुकी थी। बबली का आरोप है कि वह मदद को चिल्लाती रही लेकिन अंदर से कोई स्टाफ नहीं आया। कुछ देर बाद एक दो लोग स्टाफ के आए और बच्चे को लेकर आईसीयू में गए जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस पर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। तब तक परिजन बच्चे का शव लेकर अस्पताल के बाहर सड़क पर आ गए थे, एएसपी डा. अवधेश सिंह, सीओ संतोष कुमार व कोतवाल शिवगोपाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम लगाए लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। प्रभारी सीएमएस डा. एसके पाल का कहना है कि परिजन जल्दबाजी में बिना कागज लिए मेडिकल कालेज चले गए थे और वापस आए तो रास्ते में ही डिलेवरी होने पर हंगामा करने लगे।
सीएमओ ने जांच कर कार्रवाई की बात कही
उरई। शुक्रवार की देर शाम सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया, एसीएमओ डा. बीएम खैर के साथ महिला अस्पताल पहुंची। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात रहे डा. महेंद्र वर्मा व स्टाफ नर्स आरती, रीना और रागिनी को बुलाकर पूछताछ की। उन्होंने भर्ती का समय, यहां से वापस जाने और आने का समय, डिलेवरी का समय आदि की जानकारी की। सीएमओ के मुताबिक, परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कालेज में भर्ती नहीं किया गया। रही बात महिला अस्पताल में हुई लापरवाही की तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
चार साल बाद भरी थी रचना की गोद
परिजनों ने बताया कि रवि और रचना की शादी के करीब चार साल हो गए हैं। दोनों के कोई संतान नहीं थी। तमाम मंदिरों में मन्नत के बाद रचना की गोद भरी थी, क्या मालूम था कि धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की वजह से ही रचना फिर से बेऔलाद हो जाएगी। बच्चे की मौत से रवि और रचना दोनों की ही मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।

कोतवाल पीड़ित परिवार को समझाते हुए- फोटो : ORAI

जाम लगाएं लोगों को हटाते पुलिस कर्मी- फोटो : ORAI

महिला अस्पताल गेट के सामने जाम लगाए खड़े परिजन- फोटो : ORAI

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें