जालौन में चौबीस साल पूर्व हत्या के मामले में दोषी पाए गए तत्कालीन कदौरा थाना प्रभारी को आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। मामला भी कदौरा थाना क्षेत्र का ही था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि कदौरा थाना क्षेत्र के नाका निवासी जनक सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 नवंबर 1997 को तत्कालीन कदौरा थानाध्यक्ष राजेश द्विवेदी उसके विरोधी पक्ष के रामस्वरूप शुक्ला के साथ उसके घर में घुस आए और घर में सो रहे उसके बेटे प्रद्युम्न को जगाकर उसे तमंचे से गोली मार दी।