गांव के विकास में प्रधान की मुख्य भूमिका होती है। उनकी ओर से बनाई गई कार्य योजना को सरकार अनुमोदित कर बजट देने का काम करती है। प्रधान को उत्कृष्ट कार्य करके जनता के विश्वास को बनाए रखना चाहिए। बुंदेलखंड सरकार की प्राथमिकता में है। यहां का किसान प्रकृति की मार से बेहाल है, ऐसे में सपा सरकार ने हर संभव मदद देने का काम किया है। यह
बात प्रदेश सरकार के ग्राम्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कही। वह शहर के एक मैरिज हाल में पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यहां पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रधानों को सम्मानित भी किया। पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सामने दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि
कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने श्रमिक विभाग में पंजीकृत श्रमिकों एवं कारीगरों को परिचय पत्र दिए, लोहिया आवास के 10 पात्रों को योजना का लाभ और 40 पात्रों को लोहिया आवास के चेक सौंपे। अकबरपुर इटौरा के ग्राम प्रधान अमित द्विवेदी इतिहास को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ एवं पर्यावरण को संरक्षित करने एवं गांव के विकास के लिए किए गए उत्कृष्ट
कार्य पर सम्मानित किया गया। गिधौसा के प्रधान महेंद्र पाल, उसरगांव की सीमा तिवारी, कुठौंद के विवेक सिंह एवं सुनीता गुप्ता को अपने गांव क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। स्वयं सहायता समूह में अच्छे कार्य पर कुसुम को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि गांव का विकास और बुंदेलखंड क्षेत्र मुख्यमंत्री की
प्राथमिकता में है। यहां पर फोरलेन सड़क से लेकर विकास के अन्य कार्य किए गए है। कहा कि बुंदेलखंड का बुरा वक्त चल रहा है। इस बुरे वक्त में सरकार बुंदेलखंडियों के साथ खड़ी हुई है। उन्होंने परमार्थ संस्था के सचिव संजय सिंह की तारीफ की। इसके पहले जिलाधिकारी संदीप कौर ने कहा कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य से लेकर अन्य संचालित योजनाओं का
सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। संयोजक संजय सिंह ने बुंदेलखंड में सूखा से किसानों की बदहाली सामने रखी। सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, इंद्रजीत सिंह यादव, प्रांतीय सदस्य प्रदीप दीक्षित, सुरेंद्र मौखरी, ब्लाक प्रमुख विजय कुशवाहा, शफीकुर्रहमान कश्फी, राजीव शर्मा, दीपू महाराज उरगांव, डीडीओ आरएस यादव, पीडी चित्रसेन सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संचालन युद्धवीर कंथरिया ने किया।
इनको मिले लोहिया आवास
खर्रा निवासी शांति देवी, सिकरीराजा निवासी राजेश्वरी, भदवा की मिथलेश, प्रतापपुरा की सीतादेवी, छानीखास की उर्मिला, खेरी की आरती, देवरी गांव की कालिंदी, विनीता, रीता, धंतौली की हमीदन और धनौराकलां निवासी श्रीकुवंर।
इन श्रमिकों को मिला परिचय पत्र
कमठा गांव निवासी नूर खां, चंद्रभान, भीषम, रगौली निवासी जगपाल, नुनसाई गांव निवासी बृजलाल, रविपाल, अरविंद, संजीवन और रिनियां निवासी विजय कुमार, शौलेंद्र।