उरई। चित्रकूट में ऑटो डंपर की घटना और जालौन ट्राली पलटने की घटना के बाद भी प्रशासन हरकत में नहीं आया। जिले भर में नियमों को धता बता रहे हैं। कृषि व बिना परमिट वाहनों से क्षमता से अधिक सवारियां ढोई जा रही हैं। इससे लगातार हादसों में इजाफा हो रहा है। मंगलवार को चित्रकूट में हाईवे पर ओवरटेक करते समय ऑटो और डंपर की टक्कर हो गई थी। इसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। कई घायल हुए थे। ऑटो में आठ सवारियां बैठी थीं। जबकि नियम तीन सवारियां बिठाने का है।
सीन-1
शहर के कोच बस स्टैंड पर सुबह सात बजे रोडवेज बसों के आगे झांसी के लिए छह डग्मामार गाड़ी सवारियां भरने के लिए खड़ी थीं। इसमें एक में छह सवारियां बैठ चुकी थीं। दूसरे में दो सवारियां बैठ गई थीं। पहली गाड़ी ने पांच मिनट में दस सवारियां बैठाई और चली गई। इसके बाद तीसरी गाड़ी लगाई गई। आसपास करीब 13 गाड़ी खड़ी मिलीं, जो अपने नंबर आने का इंतजार कर रही थीं। वहीं पास में खड़ी रोजवेज बस में सात मिनट में मात्र चार सवारियां बैठीं।
सीन-2
कालपी बस स्टैंड पर सुबह करीब 11 बजे 13 ऑटो खड़े मिले। इसमें तीन ऑटो चार चार सवारी बैठाए हुए थे। इसके बाद चार सवारी आईं। दो को सामान के साथ पीछे बैठाया। दो को आगे बैठाया। एक ऑटो चला गया। उसकी जगह पर बगल में खड़ा दूसरा ऑटो आ गया। पास में चार ट्रैफिक के होमगार्ड बातचीत में व्यस्त मिले। उन्हें जाम और डग्गामारी से कोई मतलब नहीं दिखा। इन स्टैंड से करीब दस गांव के लिए ऑटो जाते हैं।
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स्कूलों के बच्चों को ढो रहे ऑटो
कालपी संवाद के अनुुसार 1.30 बजे मुख्य बाजार में 12 स्कूली बच्चों को बैठाए हुए ऑटो जा रहा था। फुलपावर चौराहा पर 12.30 बजे ऑटो नगर के लिए दस स्कूली बच्चों को बिना किसी सुरक्षा के बैठाए हुए दिखा। नगर के साथ आसपास करीब 15 गांव के लिए ऑटो स्कूली बच्चों को ढोते हैं। जो दस से 15 बच्चों को ऑटो में बिठाते हैं। नगर में करीब दस प्राइवेट स्कूल हैं। जिनमें करीब बीस ऑटो लगे हुए हैं। जोल्हूपुर, देवकली, काशीखेड़ा, देवकली, मंगरौल सहित अन्य गांव में जाते हैं। नगर में भी सुुबह दोपहर में चारों तरफ ऑटो स्कूली बच्चों को बैठाए हुए दौड़ते नजर आएंगे।
वर्जन-
लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी अगर कहीं वाहन चल रहे हैं। कार्रवाई होगी।
- राजेश कुमार सिंह, एआरटीओ, प्रवर्तन