गीत संगीत ईश्वर प्रदत्त ऐसी नेमत है जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने मनोभावों को सहजता से प्रकट कर सकता है। इसके माध्यम से परमात्मा का सामीप्य अनुभव होता है। यह बात पं. रामरतन तिवारी संगीत महाविद्यालय की प्राचार्या कुंती तिवारी ने संगीत की प्रशिक्षु बालिकाओं से कही। वे महाविद्यालय में संगीत का नि:शुल्क प्रशिक्षण शिविर चला रही हं। इसमें 30
बच्चियां संगीत और सुरों की बारीकियां सीख रहीं हैं। कॉलेज की प्राचार्या कुंती तिवारी व सहयोगी संगीत शिक्षक इंदु तिवारी, पूजा द्विवेदी, सुशील कुमार आदि ने एक महीने का विशेष शिविर लगाया है। इसमें बच्चियों को शास्त्रीय संगीत, भजन, कव्वाली, गजल, लोक गायन, बुंदेली ठुमरी, दादरा, रसिया, लोक नृत्य आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कुंती ने बताया है
कि ताल वादन में सोलह मात्रा, दीपचंदी चौदह मात्रा, आधा ताल चौदह मात्रा, छह मात्रा दादरा, आठ मात्रा कहरवा तथा रूपक सात मात्रा, राग वागेश्री, सोलो वादन आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 23 मई को शिविर के समापन पर प्रशिक्षुओं को पुरस्कृत करने की भी योजना है। इसके अलावा इन प्रशिक्षुओं ने इस एक महीने में जो सीखा है उसका प्रदर्शन भी वे
करेंगी। दोपहर दो से शाम छह बजे तक चलने वाले इस शिविर में मोहिनी वर्मा, पलक सक्सेना, अनुष्का तिवारी, संगीता दीक्षित, निशा झा, निशा पटेल, शिवांगी, शिवानी, रश्मि तिवारी, दिवाकर तिवारी, अबीर, मयंक, नीहारिका मिश्रा, सिद्घि मिश्रा, अंजली, अंजली कौशिक, अंजली पटेल आदि मौजूद रहे।